साल 2000 के दशक की शुरुआत में दुनिया भर के इंटरनेट यूजर्स के बीच बेहद लोकप्रिय रहा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Orkut एक बार फिर वापसी करने की तैयारी कर रहा है. Orkut के को-फाउंडर और CEO Orkut Buyukkokten ने हाल ही में X और LinkedIn पर एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें उन्होंने 'Orkut को वापस लाने' के लिए कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर एक ऑनलाइन पिटीशन पर साइन करने की अपील की है.
इस मुहिम का समर्थन करने के लिए इच्छुक लोग orkut.com पर जाकर इस पिटीशन पर अपने साइन दर्ज करा सकते हैं. ये खबर लिखे जाने तक, इस प्लेटफॉर्म पर दुनिया के 118 देशों से लगभग 2.65 लाख हस्ताक्षर मिल चुके हैं. वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, इस याचिका पर हस्ताक्षर करके यूजर्स एक ऐसे नए सोशल नेटवर्क को बनाने में अपनी रुचि दिखा सकते हैं जो 'सच्चे लोगों, रियल अचैटमेंट और अपनेपन की भावना' पर फोक्स्ड होगा.
सीईओ ने एल्गोरिदम पर साधा निशाना
वेबसाइट पर हस्ताक्षर दर्ज करने के बाद यूजर्स को अपनी उम्र की सीमा, नाम, देश का नाम, ईमेल आईडी और फोन नंबर (ऑप्शन) जैसी बेसिक जानकारियां भरनी होती हैं. इसके साथ ही, Orkut Buyukkokten ने वेबसाइट पर एक ओपन लेटर भी शेयर किया है. इस लेटर में उन्होंने अभी सोशल मीडिया के माहौल पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने लिखा, "आज के सोशल मीडिया फीड्स केवल यूजर एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए तैयार किए जाते हैं, न कि वास्तविक मानवीय जुड़ाव के लिए. बच्चों की एक पूरी जनरेशन उन एल्गोरिदम के सामने घुटने टेक चुकी है जो उन्हें इसका आदी बना रहे हैं, आपस में बांट रहे हैं और फिर एडवरटाइजर्स को बेच रहे हैं."
The internet should help us find our people. Friendship. Community. A place to belong. Help me bring Orkut back in that spirit. Add your name at https://t.co/FO48fJMjEq and share your supporter card with someone you want to bring along. Love, Orkut https://t.co/zesE18Y3Fd
— Orkut Buyukkokten (@orkut) October 8, 2026
दो दशक पहले के समय से आज की तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआती सोशल नेटवर्क्स दुनिया भर के लोगों के बीच वास्तविक मानवीय संबंधों पर आधारित होते थे. इसके विपरीत, आज का दौर AI के बनाए गए डीपफेक, सिंथेटिक कंटेंट और फर्जी प्रोफाइल्स से भरा हुआ है.
गूगल ने 2014 में बंद कर दिया था प्लेटफॉर्म
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि AI एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी टेक्नोलॉजी है. लेकिन ये उस बुनियादी सिद्धांत को ही खत्म कर रही है जिसने सोशल नेटवर्किंग को खास और उपयोगी बनाया था. वह सिद्धांत था स्क्रीन के दूसरी तरफ भी एक रियल ह्यूमन मौजूद है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Orkut को जनवरी 2004 में लॉन्च किया गया था, जिसे बाद में गूगल ने सितंबर 2014 में पूरी तरह बंद कर दिया था.
Buyukkokten ने इंटरनेट के एक अलग भविष्य की उम्मीद जताते हुए कहा कि वे एक ऐसा इंटरनेट देखना चाहते हैं जो वास्तविक लोगों के इर्द-गिर्द बना हो. उन्होंने आगे कहा कि हर मैसेज के दूसरी तरफ एक इंसान हो. वे एक ऐसा भविष्य चाहते हैं जो एल्गोरिदम, व्यूज और वेबसाइट पर जबरन समय बिताने पर फोक्स्ड न हो. Orkut प्राइमरी तौर पर समान विचारधारा वाले लोगों की कम्युनिटी और नेटवर्क के इर्द-गिर्द बना था जो एक समान मकसद शेयर करते थे. Buyukkokten के अनुसार, पुराने यूजर्स आज भी इस प्लेटफॉर्म को याद करते हैं, जो इसके दोबारा लॉन्च होने की मजबूत संभावनाओं की ओर इशारा करता है.
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