नोवाक जोकोविच (फाइल फोटो)
- जोकोविच के नाम 4 ग्रैंड स्लैम
- एंडी मर्रे से कड़ी टक्कर
- फेडरर के लिए आसान नहीं डगर
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नई दिल्ली:
इस साल विंबलडन में सबकी नज़रें पुरुषों के मुकाबले पर होगी। करियर स्लैम जीतने के बाद नोवाक जोकोविच की नज़र गोल्डन करियर स्लैम पूरा करने पर होगी...यानि एक साल में सभी 4 सिंग्लस ग्रैंड स्लैम और ओलिंपिक गोल्ड मेडल जीतने का कारनाम करने वाले पहले खिलाड़ी।
तीन बार विंबलडन जीत चुके जोकोविच के नाम 4 ग्रैंड स्लैम है और वे अपना विंबलडन ख़िताब बचाने में सफल होते हैं तो ओपन एरा में पहले खिलाड़ी होंगे जिसके नाम लगातार 5 ग्रैंड स्लैम जीतने के रिकॉर्ड होंगे। हालांकि जोकोविच को सबसे कड़ी टक्कर एंडी मर्रे से मिलेगी। मर्रे ने हाल ही में रिकॉर्ड पाचवीं बार क्वींस क्लब चैंपियनशिप जीता है। पीठ में तकलीफ के बाद रॉजर फ़ेडरर ने फ़्रेंच ओपन से नाम वापस ले लिया। 1999 के बाद पहली बार फ़ेडरर कोई ग्रैंड स्लैम नहीं खेले। 7 दफ विंबलडन जीत चुके फ़ेडरर के लिए यहां सफर आसान नहीं होगा।
रफ़ाएल नडाल के बाहर होने के बाद स्टेन वाबरिंका को चौथी वरियता मिली है। इसका मतलब है कि सेमीफ़ाइनल से पहले उन्हें जोकोविच, मर्रे या फिर अपने वतन के फ़ेडरर से नहीं भिड़ना होगा। महिलाओं में फ़्रेंच ओपन विजेता गरबाइन मुगुरुज़ा के चर्चे हर तरफ हो रहे हैं। इस साल वे दूसरी वरीयता हासिल कर विंबलडन खेलेंगी।
सबकी नज़र एक बार फिर वर्ल्ड नंबर एक खिलाड़ी सेरेना विवियम्स पर होगी। विलियम्स एक बार फिर रिकॉर्ड 22वां ग्रैंड स्लैम जीतने के लिए कोर्ट में उतरेंगी। हालांकि सेरेना ने 2015 के बाद कोई भी ग्रैंड स्लैम नहीं जीता है लेकिन 6 बार की चैंपियन का यहां दावा काफी मजबूत है। भारतीय चुनौती सानिया मिर्ज़ा, लिएंडर पेस और रोहन बोपन्ना अपने-अपने पार्टनर के साथ पेश करेंगे।
तीन बार विंबलडन जीत चुके जोकोविच के नाम 4 ग्रैंड स्लैम है और वे अपना विंबलडन ख़िताब बचाने में सफल होते हैं तो ओपन एरा में पहले खिलाड़ी होंगे जिसके नाम लगातार 5 ग्रैंड स्लैम जीतने के रिकॉर्ड होंगे। हालांकि जोकोविच को सबसे कड़ी टक्कर एंडी मर्रे से मिलेगी। मर्रे ने हाल ही में रिकॉर्ड पाचवीं बार क्वींस क्लब चैंपियनशिप जीता है। पीठ में तकलीफ के बाद रॉजर फ़ेडरर ने फ़्रेंच ओपन से नाम वापस ले लिया। 1999 के बाद पहली बार फ़ेडरर कोई ग्रैंड स्लैम नहीं खेले। 7 दफ विंबलडन जीत चुके फ़ेडरर के लिए यहां सफर आसान नहीं होगा।
रफ़ाएल नडाल के बाहर होने के बाद स्टेन वाबरिंका को चौथी वरियता मिली है। इसका मतलब है कि सेमीफ़ाइनल से पहले उन्हें जोकोविच, मर्रे या फिर अपने वतन के फ़ेडरर से नहीं भिड़ना होगा। महिलाओं में फ़्रेंच ओपन विजेता गरबाइन मुगुरुज़ा के चर्चे हर तरफ हो रहे हैं। इस साल वे दूसरी वरीयता हासिल कर विंबलडन खेलेंगी।
सबकी नज़र एक बार फिर वर्ल्ड नंबर एक खिलाड़ी सेरेना विवियम्स पर होगी। विलियम्स एक बार फिर रिकॉर्ड 22वां ग्रैंड स्लैम जीतने के लिए कोर्ट में उतरेंगी। हालांकि सेरेना ने 2015 के बाद कोई भी ग्रैंड स्लैम नहीं जीता है लेकिन 6 बार की चैंपियन का यहां दावा काफी मजबूत है। भारतीय चुनौती सानिया मिर्ज़ा, लिएंडर पेस और रोहन बोपन्ना अपने-अपने पार्टनर के साथ पेश करेंगे।