सैप ब्लेटर (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
फुटबॉल के महान खिलाड़ी पेले भारत के दौरे पर हैं और उन्हें फीफा का अध्यक्ष बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। दूसरी तरफ फीफा के पूर्व अध्यक्ष सैप ब्लेटर को भले ही आचरण समिति ने हटा दिया हो लेकिन उनके घरेलू शहर में अब भी फैन्स उनके साथ खड़े हैं।
फुटबॉल की लोकप्रियता में फीफा का महत्वपूर्ण योगदान
फुटबॉल आज अगर दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है तो इसमें फीफा का बहुत बड़ा योगदान रहा है, लेकिन हाल के दिनों में फीफा विवादों के कारण ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है। वर्ल्ड कप 2018 और 2022 की मेजबानी देने को लेकर हुए भ्रष्टाचार की वजह से फीफा के अध्यक्ष पद पर सबसे लंबे समय तक काबिज सैप ब्लेटर को जाना पड़ा। सभी आरोपों के बावजूद पांच बार फीफा के अध्यक्ष रह चुके ब्लेटर के शहर विस्फ़ में लोग उनके साथ खड़े हैं।
79 साल के ब्लेटर अब भी स्विट्ज़रलैंड के इस शहर के लोगों के लिए किसी हीरो से कम नहीं हैं। एक घरेलू फुटबॉल टीम के कोच का कहना है कि ब्लेटर एक अच्छे आदमी हैं। वे यहां अकसर आते हैं और यहां की घरेलू फुटबॉल टीम को उन्होंने काफी मदद की है। शहर में ब्लेटर के लिए समर्थन की कोई कमी नहीं है लेकिन फैन्स को यह भी लगता है कि इससे उनके हीरो का नाम खराब हुआ है।
ब्लेटर से पहले ज्यादा खराब हालात थे
फैन्स का मानना है कि फीफा आज जहां है वह ब्लेटर की वजह से है। आज से 20 साल पहले फीफा की हालत इससे से भी ज्यादा खराब थी। ब्लेटर को दोबारा अध्यक्ष बनना नहीं चाहिए था। ब्लेटर को पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। फीफा में हुए करप्शन की जांच चल रही है और नतीजा आने तक ब्लेटर के फैन्स को अपने हीरो के बेदाग होने की उम्मीद है।
फुटबॉल की लोकप्रियता में फीफा का महत्वपूर्ण योगदान
फुटबॉल आज अगर दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है तो इसमें फीफा का बहुत बड़ा योगदान रहा है, लेकिन हाल के दिनों में फीफा विवादों के कारण ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है। वर्ल्ड कप 2018 और 2022 की मेजबानी देने को लेकर हुए भ्रष्टाचार की वजह से फीफा के अध्यक्ष पद पर सबसे लंबे समय तक काबिज सैप ब्लेटर को जाना पड़ा। सभी आरोपों के बावजूद पांच बार फीफा के अध्यक्ष रह चुके ब्लेटर के शहर विस्फ़ में लोग उनके साथ खड़े हैं।
79 साल के ब्लेटर अब भी स्विट्ज़रलैंड के इस शहर के लोगों के लिए किसी हीरो से कम नहीं हैं। एक घरेलू फुटबॉल टीम के कोच का कहना है कि ब्लेटर एक अच्छे आदमी हैं। वे यहां अकसर आते हैं और यहां की घरेलू फुटबॉल टीम को उन्होंने काफी मदद की है। शहर में ब्लेटर के लिए समर्थन की कोई कमी नहीं है लेकिन फैन्स को यह भी लगता है कि इससे उनके हीरो का नाम खराब हुआ है।
ब्लेटर से पहले ज्यादा खराब हालात थे
फैन्स का मानना है कि फीफा आज जहां है वह ब्लेटर की वजह से है। आज से 20 साल पहले फीफा की हालत इससे से भी ज्यादा खराब थी। ब्लेटर को दोबारा अध्यक्ष बनना नहीं चाहिए था। ब्लेटर को पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। फीफा में हुए करप्शन की जांच चल रही है और नतीजा आने तक ब्लेटर के फैन्स को अपने हीरो के बेदाग होने की उम्मीद है।
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