सुशील कुमार ने फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के आकाश खुल्लर को हराया.
- सुशील ने फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के आकाश खुल्लर को हराया
- ग्लासगो राष्ट्रमंडल (2014) में स्वर्ण जीतने के बाद यह उनका पहला पदक है
- प्रवीण राणा ने कांस्य पदक जीत भारतीय दल को दोहरी खुशी का मौका दिया
नई दिल्ली:
भारतीय स्टार पहलवान सुशील कुमार ने तीन साल बाद शानदार वापसी करते हुए कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है. ओलिंपिक में दो बार के पदकधारी सुशील कुमार ने दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में 74 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में न्यूजीलैंड के आकाश खुल्लर को हराकर गोल्ड मेडल जीता.
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ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल (2014) में स्वर्ण जीतने के बाद यह उनका पहला पदक है. इस वर्ग में प्रवीण राणा ने कांस्य पदक जीत भारतीय दल को दोहरी खुशी मनाने का मौका दिया. सुशील ने प्रतिस्पर्धी कुश्ती में नवंबर में इंदौर में हुए सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत के साथ वापसी किया था. हालांकि उन्हें लगातार तीन वाकओवर मिलने से विवाद भी हुआ था. तब उन्हें फाइनल में वाकओवर देने वाले राणा ने सेमीफाइनल में उनका सामना किया.
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राणा के खिलाफ सुशील 5-4 से जीतने में कामयाब रहे. इससे पहले सुशील ने पहले बाउट में कनाडा के जसमीत सिंह फुलका को शिकस्त दी थी. बीजिंग ओलंपिक में कांस्य और लंदन ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले सुशील ने जीत के बाद अपने पदक को मातृभूमि और कोच के नाम किया.
VIDEO : कॉमनवेल्थ गेम्स में दिखा भारतीय पहलवानों का जलवा
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ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल (2014) में स्वर्ण जीतने के बाद यह उनका पहला पदक है. इस वर्ग में प्रवीण राणा ने कांस्य पदक जीत भारतीय दल को दोहरी खुशी मनाने का मौका दिया. सुशील ने प्रतिस्पर्धी कुश्ती में नवंबर में इंदौर में हुए सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत के साथ वापसी किया था. हालांकि उन्हें लगातार तीन वाकओवर मिलने से विवाद भी हुआ था. तब उन्हें फाइनल में वाकओवर देने वाले राणा ने सेमीफाइनल में उनका सामना किया.
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राणा के खिलाफ सुशील 5-4 से जीतने में कामयाब रहे. इससे पहले सुशील ने पहले बाउट में कनाडा के जसमीत सिंह फुलका को शिकस्त दी थी. बीजिंग ओलंपिक में कांस्य और लंदन ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले सुशील ने जीत के बाद अपने पदक को मातृभूमि और कोच के नाम किया.
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उन्होंने ट्वीट किया, 'तीन साल बाद अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक की जीत को मैं अपने माता पिता व मेरे गुरु सतपाल जी पहलवान और मेरे आध्यात्मिक गुरू योगऋषि स्वामी रामदेव जी के चरणों में व देश के हरेक नागरिक को समर्पित करता हूं. जय हिन्द.'तीन साल बाद इनटरनेशनल रेसलिगं प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत को मैं मेरे माँ बाप व मेरे गुरू सतपाल जी पहलवान और मेरे अध्यातमिक गुरू योगऋषि स्वामी रामदेव जी के चरणों में व देश के हरेक नागरिक को समर्पित करता हूँ @yogrishiramdev #जयहिंद ???????? #Commonwealthwrestlin @ANI @indiatvnews
— Sushil Kumar (@WrestlerSushil) December 17, 2017
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Sushil Kumar