शीर्ष वरीयता प्राप्त नोवाक जोकोविच ने अपनी तीखी सर्विस और करारे शॉट की बदौलत आज रोजर फेडरर का आठवां खिताब जीतने का सपना तोड़कर विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का पुरुष एकल खिताब जीत लिया।
जोकोविच ने पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी की। उन्होंने लगभग चार घंटे तक चले मैराथन मुकाबले में 6-7, 6-4, 7-6, 5-7, 6-4 से जीत दर्ज की। यह 2011 के चैम्पियन जोकोविच का दूसरा विंबलडन खिताब है।
इस जीत से वह राफेल नडाल की जगह फिर से दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी भी बन गए हैं। यह उनके करियर का सातवां ग्रैंडस्लैम खिताब है। इस सर्बियाई खिलाड़ी को खिताब जीतने पर 17,60,000 पौंड की इनामी राशि मिली, जबकि 17 बार ग्रैंडस्लैम चैम्पियन 32 वर्षीय फेडरर को 8,80,000 पौंड की राशि से संतोष करना पड़ा।
सात बार के चैंपियन फेडरर रिकॉर्ड आठवें खिताब की कवायद में लगे हुए थे, लेकिन विलियम रेनशा और पीट संप्रास को पीछे छोड़ने में नाकाम रहे। खिताब जीतने पर वह ओपन युग में सबसे अधिक उम्र के खिताब जीतने वाले खिलाड़ी भी बन जाते।
पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। फेडरर ने इस बीच सर्व और वॉली का अच्छा नमूना पेश किया, जबकि नौवें गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां चली। वहीं जोकोविच की सर्विस काफी दमदार थी। उन्होंने अपनी पहली चार सर्विस पर केवल दो अंक गंवाए और इनमें से एक अंक डबल फाल्ट पर थी।
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