यह ख़बर 02 जुलाई, 2014 को प्रकाशित हुई थी

19-वर्षीय निक किर्जियोस ने किया सबसे बड़ा उलटफेर, राफेल नडाल विम्बलडन से बाहर

लंदन:

दुनिया के 144वें नंबर के खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के निक किर्जियोस ने साल के तीसरे ग्रैंडस्लैम टेनिस टूर्नामेंट विम्बलडन में सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया के अव्वल नंबर के खिलाड़ी और 14 बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन राफेल नडाल को हराकर बाहर का रास्ता दिखा दिया।

वाइल्डकार्ड से दाखिला पाकर पहली बार विम्बलडन खेल रहे 19-वर्षीय निक किर्जियोस ने राफेल नडाल को 7-6, 5-7, 7-6, 6-3 से हराया। इस चमत्कारी जीत के साथ ही निक किर्जियोस पिछले 10 साल में विम्बलडन क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाले पहले क्वालिफायर बन गए हैं।

निक किर्जियोस वर्ष 1992 के बाद ऐसे पहले खिलाड़ी भी बन गए हैं, जिसने शीर्ष 100 के बाद की वरीयता होने के बावजूद दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी को हराया हो। निक से पहले वर्ष 1992 में विम्बलडन के तीसरे दौर में आंद्रे ओलोवस्की ने तत्कालीन नंबर एक खिलाड़ी जिम कूरियर को हराया था।

निक किर्जियोस की इस अप्रत्याशित जीत से पूर्व चैम्पियन रोजर फेडरर को निश्चित रूप से काफी फायदा पहुंचेगा, जो अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी राफेल नडाल का सामना करने की तैयारी में जुटे थे। अपने आठवें विम्बलडन खिताब की दौड़ में लगे रोजर फेडरर ने अब तक खेले चार मैचों में एक भी सेट नहीं गंवाया है, हालांकि उनका अगला मुकाबला मुश्किल होने जा रहा है, जो उन्हें इस वर्ष के ऑस्ट्रेलियाई ओपन विजेता स्विस खिलाड़ी स्टैन वावरिंका के खिलाफ खेलना है।

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उधर, विम्बलडन में शीर्ष वरीय नोवाक जोकोविच का अगला मुकाबला 26वीं वरीयताप्राप्त मारिन सिलिक से होगा, जबकि पिछले साल के विम्बलडन विजेता एंडी मरे को 11वीं वरीयताप्राप्त ग्रिगोर दिमित्रोव से भिड़ना होगा।