ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा का विश्व चैम्पियनशिप में स्वप्निल अभियान सेमीफाइनल में शिकस्त के साथ थम गया।
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लंदन:
ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा का विश्व चैम्पियनशिप में स्वप्निल अभियान सेमीफाइनल में शिकस्त के साथ थम गया लेकिन इस जोड़ी ने भारत को 28 बरस बाद इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में कांस्य पदक दिलाकर इतिहास रचा। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता जोड़ी को 38 मिनट चले सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की टियांग किंग और झाओ युनलेई की चीन की पांचवीं वरीय जोड़ी के हाथों 14-21, 16-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी। ज्वाला और अश्विनी ने हालांकि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत के पदक के सूखे को 28 साल बाद खत्म करने में सफलता पाई। इससे पहले विश्व चैम्पियनशिप में भारत के लिए एकमात्र पदक 1983 में डेनमार्क के कोपेनहेगन में प्रकाश पादुकोण ने पुरुष एकल में कांस्य पदक के रूप में जीता था। भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल के सफर के दौरान वेन सिंग चेंग और यू चिन चिएन की चीनी ताइपे की दूसरी वरीय जोड़ी को हराकर उलटफेर भी किया था। शनिवार को सेमीफाइनल में हालांकि ज्वाला और अश्विनी ने धीमी शुरूआत की जिससे विरोधी जोड़ी ने पहले गेम में 6-2 की बढ़त बनाई। भारतीय जोड़ी ने वापसी करते हुए 8-8 के स्कोर पर बराबरी पाई लेकिन इसके बाद पहली बार विश्व चैम्पियनशिप में खेल रही अश्विनी ने कई गलतियां की जिससे विरोधी जोड़ी 13-8 से आगे हो गई। चीन की जोड़ी ने पहला गेम आसानी से 21-14 से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी शुरू से ही चीन की जोड़ी ने दबदबा बनाकर रखा। चीनी जोड़ी ने 9-3 की बढ़त बनाई लेकिन भारतीय जोड़ी ने वापसी करते हुए बढ़त के अंतर को 16-17 तक सीमित कर दिया। विरोधी जोड़ी ने इसके बाद लगातार चार अंक जुटाकर गेम और मैच अपने नाम कर लिया।
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