प्रतीकात्मक फोटो.
- विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेने भारत आए हैं डेन ट्रेवर्स
- कहा, भारत अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में मजबूत ताकत बन रहा
- भारतीय खिलाड़ी लगातार अच्छे नतीजे दे रहे हैं
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नई दिल्ली:
राष्ट्रमंडल खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता स्कॉटलैंड के डेन ट्रेवर्स का मानना है कि चीन के लिए भारत चिंता का कारण होना चाहिए, क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में तेजी से मजबूत ताकत बन रहा है. बीडब्ल्यूएफ सीनियर विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेने भारत आए ट्रेवर्स ने कहा, चीन के लिए भारत चिंता की बात होना चाहिए. भारत जिस तरह खेल रहा है वह दबदबा बना सकता है और सीनियर बैडमिंटन राष्ट्र बन सकता है. भारत के पास काफी अच्छे खिलाड़ी हैं. वह लगातार अच्छे नतीजे दे रहे हैं. ट्रेवर्स ने कहा कि आजकल विरोधी खिलाड़ी भारतीय खिलाड़ियों से 'डरने' लगे हैं.
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भारतीय खिलाड़ी मजबूत हो गए हैं
उन्होंने कहा, विरोधियों को पता है कि भारतीय खिलाड़ियों को हराने के लिए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा. भारतीय खिलाड़ी हमेशा तकनीकी रूप से सक्षम रहे हैं, लेकिन उनके खेल में ताकत और गति जुड़ने से आजकल वे काफी मजबूत हो गए हैं. युगल में स्तरीय खिलाड़ियों की कमी के बारे में पूछने पर 61 साल के ट्रेवर्स ने कहा, मुझे लगता है कि भारत को युगल खिलाड़ियों में निवेश करना होगा और युगल वर्ग में कोचिंग देनी होगी. यह काफी कड़ा है.
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बिली गिलिलेंड के साथ 1982 में ऑल इंग्लैंड के फाइनल में पहुंचे ट्रेवर्स ने कहा कि यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट अपनी प्रासंगिता खो रहा है. उन्होंने कहा, ज्यादा समय नहीं लगेगा कि ऑल इंग्लैंड विश्व के बड़े टूर्नामेंटों में से एक के रूप में अपनी चमक खो देगा, क्योंकि आपके पास विश्व चैंपियनशिप, ओलिंपिक और इतने सारे सुपर सीरीज टूर्नामेंट हैं.
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भारतीय खिलाड़ी मजबूत हो गए हैं
उन्होंने कहा, विरोधियों को पता है कि भारतीय खिलाड़ियों को हराने के लिए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा. भारतीय खिलाड़ी हमेशा तकनीकी रूप से सक्षम रहे हैं, लेकिन उनके खेल में ताकत और गति जुड़ने से आजकल वे काफी मजबूत हो गए हैं. युगल में स्तरीय खिलाड़ियों की कमी के बारे में पूछने पर 61 साल के ट्रेवर्स ने कहा, मुझे लगता है कि भारत को युगल खिलाड़ियों में निवेश करना होगा और युगल वर्ग में कोचिंग देनी होगी. यह काफी कड़ा है.
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बिली गिलिलेंड के साथ 1982 में ऑल इंग्लैंड के फाइनल में पहुंचे ट्रेवर्स ने कहा कि यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट अपनी प्रासंगिता खो रहा है. उन्होंने कहा, ज्यादा समय नहीं लगेगा कि ऑल इंग्लैंड विश्व के बड़े टूर्नामेंटों में से एक के रूप में अपनी चमक खो देगा, क्योंकि आपके पास विश्व चैंपियनशिप, ओलिंपिक और इतने सारे सुपर सीरीज टूर्नामेंट हैं.
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