सुशील कुमार की फाइल फोटो
सोनीपत:
भारतीय कुश्ती के सामने इस वक्त बड़ी उथल-पुथल मची हुई है कि रियो में 74 किलोग्राम वर्ग में किस पहलवान को जाने का मौका मिलेगा। दो बार के ओलिंपिक विजेता सुशील कुमार को या नरसिंह पंचम यादव को जिन्होंने रियो जाने का कोटा हासिल किया है। इस मुद्दे पर हमने सुशील कुमार से खास बातचीत की...
सवाल : आप दावा कर रहे हैं कि आप 'सुपर फिट' हैं, लेकिन क्या इसी फिटनेस ने आपको धोखा दिया कि आप पहले क्वालिफाई नहीं कर पाए?
सुशील : मैं नहीं मानता कि फिटनेस ने धोखा दिया, मैं पहले भी फिट था और अभी ज्यादा फिट हूं...मैं एशियन गेम्स में नहीं गया था, क्योंकि मैं प्लान बनाकर ही लड़ता हूं। जिस समय नरसिंह वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए जा रहे थे तो यह पहला मौका था... हमें नहीं लगा था कि वो क्वालिफाई कर जाएंगे। लेकिन जब उऩ्होंने क्वालिफाई कर लिया तो पूरी टीम ने उन्हें बधाई दी। हम सब खुश हैं कि उन्होंने बड़ा काम किया है।
सवाल : नरसिंह का कहना है कि 74 किग्रो वर्ग में वो आपसे ज्यादा अनुभवी हैं और उन्होंने रियो का कोटा भी हासिल किया है, इसलिए उनका हक बनता है?
सुशील : मैंने भी 74 किग्रा वर्ग में 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया और चैंपियन भी बना। मैं नरसिंह से 84 किग्रा वर्ग में भी लड़ा हूं और दो बार अलग-अलग वेट कैटेगरी में उनके साथ मुकाबला हुआ और उसमें मेरी जीत हुई।
मैं जिस तरीके से तैयारी कर रहा हूं, वो ओलिंपिक के लिए पूरी योजना के मुताबिक है। अब फेडरेशन के हाथ में फैसला है कि वो किसे वहां भेजेंगे।
सवाल : आपने प्रोफेशनल रेसलिंग लीग में हिस्सा नहीं लिया था, जिसे फेडरेशन को नाराजगी हो सकती है और आपको इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है?
सुशील : मैं पैसे के पीछे कभी नहीं भागा। मेरी अपनी योजना थी। मैं पूरी तरह फिट नहीं था। इसलिए मेरा लड़ना मुमकिन नहीं था।
सवाल : क्या आपको लगता है कि 2008, 2012 के ओलिंपिक में आप जिस तैयारी और फिटनेस के साथ गए थे, इस वक्त आपकी तैयारी और फिटनेस उससे बेहतर है? रियो में आपका और कुश्ती टीम का नतीजा बेहतर रहेगा?
सुशील : मेरी तैयारी के बारे में एक्सपर्ट्स बताएंगे। मैं फिट हूं और जहां तक पूरी कुश्ती टीम का सवाल है, तो यकीनन लंदन से बेहतर नतीजा होगा। न सिर्फ कुश्ती का बल्कि दूसरे खेलों के खिलाड़ियों से मेरी बात होती रहती है और उनके आत्मविश्वास को देखते हुए कह सकता हूं कि रियो में भारत लंदन से बेहतर पदकों के साथ लौटेगा।
सवाल : आप दावा कर रहे हैं कि आप 'सुपर फिट' हैं, लेकिन क्या इसी फिटनेस ने आपको धोखा दिया कि आप पहले क्वालिफाई नहीं कर पाए?
सुशील : मैं नहीं मानता कि फिटनेस ने धोखा दिया, मैं पहले भी फिट था और अभी ज्यादा फिट हूं...मैं एशियन गेम्स में नहीं गया था, क्योंकि मैं प्लान बनाकर ही लड़ता हूं। जिस समय नरसिंह वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए जा रहे थे तो यह पहला मौका था... हमें नहीं लगा था कि वो क्वालिफाई कर जाएंगे। लेकिन जब उऩ्होंने क्वालिफाई कर लिया तो पूरी टीम ने उन्हें बधाई दी। हम सब खुश हैं कि उन्होंने बड़ा काम किया है।
सवाल : नरसिंह का कहना है कि 74 किग्रो वर्ग में वो आपसे ज्यादा अनुभवी हैं और उन्होंने रियो का कोटा भी हासिल किया है, इसलिए उनका हक बनता है?
सुशील : मैंने भी 74 किग्रा वर्ग में 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया और चैंपियन भी बना। मैं नरसिंह से 84 किग्रा वर्ग में भी लड़ा हूं और दो बार अलग-अलग वेट कैटेगरी में उनके साथ मुकाबला हुआ और उसमें मेरी जीत हुई।
मैं जिस तरीके से तैयारी कर रहा हूं, वो ओलिंपिक के लिए पूरी योजना के मुताबिक है। अब फेडरेशन के हाथ में फैसला है कि वो किसे वहां भेजेंगे।
सवाल : आपने प्रोफेशनल रेसलिंग लीग में हिस्सा नहीं लिया था, जिसे फेडरेशन को नाराजगी हो सकती है और आपको इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है?
सुशील : मैं पैसे के पीछे कभी नहीं भागा। मेरी अपनी योजना थी। मैं पूरी तरह फिट नहीं था। इसलिए मेरा लड़ना मुमकिन नहीं था।
सवाल : क्या आपको लगता है कि 2008, 2012 के ओलिंपिक में आप जिस तैयारी और फिटनेस के साथ गए थे, इस वक्त आपकी तैयारी और फिटनेस उससे बेहतर है? रियो में आपका और कुश्ती टीम का नतीजा बेहतर रहेगा?
सुशील : मेरी तैयारी के बारे में एक्सपर्ट्स बताएंगे। मैं फिट हूं और जहां तक पूरी कुश्ती टीम का सवाल है, तो यकीनन लंदन से बेहतर नतीजा होगा। न सिर्फ कुश्ती का बल्कि दूसरे खेलों के खिलाड़ियों से मेरी बात होती रहती है और उनके आत्मविश्वास को देखते हुए कह सकता हूं कि रियो में भारत लंदन से बेहतर पदकों के साथ लौटेगा।
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
सुशील कुमार, नरसिंह पंचम यादव, रियो ओलिंपिक, कुश्ती, Sushil Kumar, Narsingh Pancham Yadav, Rio Olympics, Wrestling