भारत के लिए जहां एकमात्र गोल खेल के 12वें मिनट में आकाशदीप ने किया, तो विजेता टीम के लिए ये गोल 15वें मिनट में थिएरी ब्रिंकमैन और 50वें मिनट में वॉन डेर वीरडेन ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए किया. भारत के सुरेंद्र कुमार को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला, लेकिन दर्शक दीर्घा में हजारों भारतीयों की आंखें तब और नम हो गईं, जब कुछ भारतीय खिलाड़ी मैदान पर ही फफक पड़े. खेल के अधिकांश हिस्से में भारत ने बढ़िया हॉकी खेली, लेकिन दबाव और आखिरी पलों में हॉलैंड की परिपक्वता के आगे भारतीय थोड़ा कमजोर पड़ गए. मैच खत्म होने से आखिरी छह मिनट पहले चोट के कारण नियमित गोलची श्रीजेश मैदान से बाहर चले गए. और भारतीय टीम गोलची के बिना खेली और इस दौरान हरमनप्रीत ने गोलची की भूमिका निभाई. मैच खत्म होने से पहले हॉलैंड को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सकी.Winning vs losing.
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Great game between these two teams, so close in every way but there has to be a winner! @oranjehockey @hockey_nl @TheHockeyIndia
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इससे पहले तीसरे क्वार्टर के खेल के बाद भी स्कोरलाइन 1-1 पर बराबर छूटा. भारत ने अपने से मजबूत आंके जाने वालीे नीदरलैंड के खिलाफ पहले क्वार्टर में 1-0 से बढ़त बनाने के बाद इसे गंवा दिया.. भारत के लिए यह गोल आकाशीप ने खेल के 12वें मिनट में किया था. पहले क्वार्टर के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा और हाफ टाइम तक भी दोनों टीमें इसी स्कोर पर बराबर चल रही हैं. दूसरे क्वार्टर में बेहतरीन खेल के बावजूद भारत गोल नहीं दाग सका. तीसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ी थोड़ा हड़बड़ी में दिखाई पड़े. इस क्वार्टर में नीदरलैंड को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन दोनों को ही उसके खिलाड़ी गोल में तब्दील नहीं कर सके.Heartache for the host nation India as The Netherlands win the last 1/4 Final clash!
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दोनों ही टीमें शुरुआत से ही आक्रामक मूड में दिखाई पड़ रही हैं. भारतीय टीम रैंकिंग में अपने से एक पायदान ऊपर नीदलैंड के खिलाफ साल 1975 में हुए विश्व कप के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचने के सपने के साथ मैदान पर उतरी थी. बारतीयों ने मैच के पहले हॉफ तक बेहतरीन हॉकी खेली. लेकिन स्टेडियम में जमा हजारों दर्शकों के समर्थन के बावजूद खेल के दूसरे हॉफ के दोनों क्वार्टरों में खिलाड़ी शुरुआती स्तर को बरकरार नहीं रख सके. खासकर तीसरे क्वार्टर में हॉलैंड के आक्रामक रवैये के आगे भारतीय एकदम से ही बैकफुट पर आ गए. और यहां से वह हॉकी देखने को नहीं ही मिली, जो उन्हें शुरुआती दो क्वार्टर में खेली..@akashdeeps985's 7th Goal at the World Cups and his 2nd at the Odisha Hockey Men's World Cup Bhubaneswar 2018.#IndiaKaGame #HWC2018 #DilHockey pic.twitter.com/c5Qnx9doa1
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चौथा क्वार्टरः हॉलैंड का गोल..पर चूक गया भारतHeartache for the host nation India as The Netherlands win the last 1/4 Final clash!
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खेल के निर्णायक हिस्से में भी हॉलैंड का ही दबदबा रहा. और आखिरी क्वार्टर के पांचवें और खेले के 50वें मिनट में हॉलैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला, तो भारतीय गोलची श्रीजेश वॉन डर वीरडेन के शॉट को गोलपोस्ट में जाने से नहीं रोक सके. और इसी के साथ ही हॉलैंड ने 2-1 की बढ़त कायम कर ली. इसके बाद 52वें मिनट में अमित रोहिदास को रेफरी ने येलो कार्ड दिखाया, तो भारत के खिलाड़ियों की संख्या 11 से दस रह गई. तीन मिनट बाद ही भारत को एक पेनल्टी कॉर्नर के जरिए बराबरी पर आने का मौका मिला, लेकिन यह गोल में तब्दील नहीं हो सका. आखिरी दस मिनट के खेल के दौरान भारतीय एक भी पेनल्टी कॉर्नर लेने में नाकाम रहे.
तीसरा क्वार्टर: हॉलैंड ने पकड़ी गति, लेकिन बेकार गए तीन पेनल्टी कॉर्नरIt is 1/2 time in the 2nd 1/4 final of the day!
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तीसरे क्वार्टर में हॉलैंड के खिलाड़ियों ने अपने खेल के स्तर को ऊपर उठाते और इसे और गतिशील बनाया. खेल के इस हिस्से में हॉलैंड के खिलाड़ियों को अच्छा-खासा समय भारतीय डी में गुजरा. भारतीय खिलाड़ी थोड़ा दबाव में और नर्वस दिखाई पड़े. हॉलैंड ने दूसरे हॉफ के पहले ही मिनट में भारतीय डी में सेंध लगा दी. और 31वें से लेकर 36वें मिनट के भीतर उसे एक के बाद एक तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन तीनों ही शॉटों को उसके खिलाड़ी गोल में तब्दील नहीं कर सके. और खेल के 45 मिनट के बाद भी मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा.
ओडिशा पुरुष हॉकी विश्वकप 2018 भुवनेश्वर के क्वार्टर फाइनल में भारतीय टीम निदरलैंड्स के ख़िलाफ़ इन 11 खिलाड़ियों के साथ करेगी मैच की शुरूआत।#HWC2018 #IndiaKagame #DilHockey #INDvNED pic.twitter.com/Xoprzq2B6b
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दूसरा क्वार्टर: गेंद पर कब्जा ज्यादा रहा भारत का
अच्छी बात यह रही पहले क्वार्टर के आखिरी पलों में बढ़त गंवाने के बावजूद इसका असर भारत के खेल पर दूसरे हाफ में बिलकुल भी दिखाई नहीं पड़ा. भारत ने लगातार हमले बोलने जारी रखा और इस क्वार्टर में उसका गेंद पर ज्यादा कब्जा रहा. जहां दूसरे क्वार्टर में भारत का गेंद पर 64 फीसद कब्जा रहा, तो नीदरलैंड के खिलाड़ी केवल 36 प्रतिशत ही गेंद को कब्जे में रख सके.
भारत ने पास एक्युरेसी में भी बढ़त बनाई. भारत की पास सटीकता 57 प्रतिशत रही, तो नीदरलैंड की सटीकता 49 प्रतिशत ही रही. खेल के इस हिस्से में दोनों ही टीमों के खिलाड़ी तीन-तीन बार एक-दूसरे के सर्किल में पहुंचने मं नाकाम रहे, लेकिन गोल किसी को नसीब नहीं हुआ.HT. Nothing to separate both the teams as @TBrinkman95 equalizes for @oranjehockey minutes after the lead earlier taken by India from a goal by @akashdeeps985.#INDvNED #IndiaKaGame #HWC2018 #DilHockey pic.twitter.com/2b64ge46Di
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पहला क्वार्टर: अच्छी बढ़त गंवा दी भारत नेGreat time watching the quarterfinals of the hockey world cup. This was the afternoon match now enjoying the electrifying atmosphere in the #IndvNed quarter finals. Come on India ! pic.twitter.com/eGMmn1z9EL
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मुकाबला आर--पार का था, तो दोनों खिलाड़ियों की एप्रोच और बॉडी लैंग्वेज भी शुरुआत से ही नजर आई. दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर शुरुआत से हमले बोल. गेंद पर भारत का कब्जा इन पलों में ज्यादा रहा. खेल के 12वे ंमिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, तो भारत के आकाशदीप ने बेहतरीन गोल दागकर भारत को 1-0 से आगे कर दिया। 11वें मिनट में सिमरनजीत से गेंद हरमनप्रीत ने ली.
और उनकी हिट को आकाशदीप ने डिफलेक्ट कर गोलपोस्ट में डालने में बिल्कुल भी गलती नहीं की. लेकिन भारतीयों की यह खुशी तीन मिनट तक की कायम रही, जब पहले क्वार्टर के एकदम अंतिम पलों में नीदरलैंड के थिएरी ब्रिंकमैन ने गोल कर स्कोर 1-1 से ब राबर कर दिया. हालांकि, इसमें भारतीय गोलची श्रीजेश की भी त्रुटि रही, और वह शॉट को सही ढंग से क्लीयर करने में नाकाम रहे. और गेंद उनकी स्टिक से लगकर गोलपोस्ट में समा गई. वीडियो अंपायर की सलाह के बाद रेफरी ने इसे गोल में तब्दील होने का इशारा किया. इस हॉफ में भारत का गेंद पर कब्जा 52 फीसद रहा, तो नीदरलैंड के कब्जे में गेंज 56 फीसद रही, लेकिन भारत की पास एक्युरेसी नीदरलैंड से चार प्रतिशत बेहतर रही. दोनों ही टीमें पांच-पांच बार एक-दूसरे के सर्किल में पहुंचने में कामयाब रहीं. भारत को शुरुआती 15 मिनट में एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, तो यह सुख नीदरलैंड को नहीं मिल सका.12' GOAL!!!!! @akashdeeps985 feeds off the rebound with his signature tomahawk shot and fires India into the lead!!!
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VIDEO: काफी समय पहले एशिया कप विजेता महिला टीम के सदस्य ने एनडीटीवी स्टूडियो में राज खोले थे.
कुल मिलाकर इतिहास दोहराने या रचने के मौके बार-बार नहीं मिलते. भारतीय खिलाड़ियों ने कोशिश तो अपनी तरफ से पूरी की, लेकिन अनुभव की कमी उनके खेल में आखिरी पलों में झलकी. और हॉलैंड ने इसी मामले में खुद को बीस साबित कर मुकाबला 2-1 से जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया.
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