सरकार ने गुरुवार को भारत की 2017 में अंडर-17 फुटबॉल विश्वकप की मेजबानी की बोली लगाने के लिए हरी झंडी दे दी। इससे भारत को इस टूर्नामेंट की मेजबानी करने का मौका मिल सकता है।
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नई दिल्ली:
सरकार ने गुरुवार को भारत की 2017 में अंडर-17 फुटबॉल विश्वकप की मेजबानी की बोली लगाने के लिए हरी झंडी दे दी। इससे भारत को इस टूर्नामेंट की मेजबानी करने का मौका मिल सकता है।
इस दावेदारी को फीफा महासचिव जेरोम वाल्के का भी समर्थन प्राप्त है। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, कैबिनेट ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एफआईएफएफ) द्वारा मांगी गई गारंटी सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
एआईएफएफ ने भारत सरकार से देश में 2017 में फीफा अंडर-17 विश्वकप फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी के मद्देनजर अपनी दावेदारी पेश करने के लिए इस गारंटी की मांग की थी। अब तक भारत की दावेदारी पर अनिश्चितता के बादल बने हुए थे, क्योंकि विश्व फुटबॉल संचालन संस्था फीफा को कर में छूट, सुरक्षा, खिलाड़ियों की यात्रा और रहने, वीजा और विदेशी विनिमय के लिए गांरटी चाहिए थी।
भारत की पहली बोली साल के शुरू में जनवरी में ही खारिज कर दी गई थी, क्योंकि सरकार ने उसे जरूरी आश्वासन नहीं दिए थे। लेकिन सरकार ने आज गारंटी देने के लिए हरी झंडी दे दी है कि वह फीफा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करेगी, जिससे मेजबानी की बोली के लिए रास्ता साफ हो गया है।
इस दावेदारी को फीफा महासचिव जेरोम वाल्के का भी समर्थन प्राप्त है। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, कैबिनेट ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एफआईएफएफ) द्वारा मांगी गई गारंटी सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
एआईएफएफ ने भारत सरकार से देश में 2017 में फीफा अंडर-17 विश्वकप फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी के मद्देनजर अपनी दावेदारी पेश करने के लिए इस गारंटी की मांग की थी। अब तक भारत की दावेदारी पर अनिश्चितता के बादल बने हुए थे, क्योंकि विश्व फुटबॉल संचालन संस्था फीफा को कर में छूट, सुरक्षा, खिलाड़ियों की यात्रा और रहने, वीजा और विदेशी विनिमय के लिए गांरटी चाहिए थी।
भारत की पहली बोली साल के शुरू में जनवरी में ही खारिज कर दी गई थी, क्योंकि सरकार ने उसे जरूरी आश्वासन नहीं दिए थे। लेकिन सरकार ने आज गारंटी देने के लिए हरी झंडी दे दी है कि वह फीफा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करेगी, जिससे मेजबानी की बोली के लिए रास्ता साफ हो गया है।
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