प्रतीकात्मक फोटो
- हाईकोर्ट ने दिया दुकानदारों को मुआवजा देने का आदेश
- जीडीसीए ने दुकान मालिकों से दुकान बंद करने को कहा है
- कोच्चि में आयोजित होंगे टूर्नामेंट के आठ मैच
कोच्चि:
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अगले महीने की 7 तारीख से होने वाले फीफा अंडर-17 वर्ल्डकप के मैचों की मेजबानी का नुकसान यहां के 200 छोटे दुकानदारों का उठाना पड़ रहा है. स्टेडियम परिसर में अपनी दुकान लगाने वाले दुकानदारों को ग्रेटर कोच्चि विकास प्रधिकरण (जीडीसीए) ने वर्ल्डकप के दौरान दुकानें बंद करने को कहा है.केरल हाईकोर्ट ने हालांकि दुकानदारों की सुनते हुए जीडीसीए से उन्हें मुआवाजा देने का आदेश दिया है. स्टेडियम के पास तकरीबन 236 दुकानें हैं. जीडीसीए ने इन दुकान मालिकों से कहा है कि वह 25 सितंबर से 28 अक्टूबर के बीच अपनी दुकाने बंद रखें.
यह भी पढ़ें : नशे में ड्राइविंग के दोषी वेन रूनी दो साल तक नहीं चला सकेंगे वाहन
भारत की मेजबानी में छह से 28 अक्टूबर के बीच होने वाले वर्ल्डकप के कुछ मैच इस स्टेडियम में खेले जाने हैं. यह स्टेडियम छह लीग मैचों के अलावा एक प्री-क्वार्टर फाइनल और एक क्वार्टर फाइनल मैच की मेजबानी करेगा. जीडीसीए के आदेश के बाद इन सभी दुकानदारों ने अदालत का रुख किया. अदालत ने सभी पक्षों की बात सुनते हुए अपने फैसले में जीडीसीए को इन दुकानदारों को पहली किस्त में 25 लाख रुपए का मुआवजा देने को कहा है और साथ ही इन दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी मुआवजा देने को कहा है.
वीडियो: यहां तैयार हो रहे कई बाइचुंग भूटिया
अदालत ने शहर के जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति बनाने को कहा है. अदालत ने दुकानदारों से इस समिति के समक्ष अपना संभावित नुकसान रखने की बात कही है.दो सदस्यीय समिति कुल मआवजे की रकम पर फैसला लेगी और अगर ज्यादा फंड की जरूरत पड़ेगी, तो जीडीसीए को वह राशि भी देनी होगी.अदालत ने कहा है कि अगर वह मुआवजे की राशि से दुकानदार संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वह सिविल अदालत में अपील कर सकते हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह भी पढ़ें : नशे में ड्राइविंग के दोषी वेन रूनी दो साल तक नहीं चला सकेंगे वाहन
भारत की मेजबानी में छह से 28 अक्टूबर के बीच होने वाले वर्ल्डकप के कुछ मैच इस स्टेडियम में खेले जाने हैं. यह स्टेडियम छह लीग मैचों के अलावा एक प्री-क्वार्टर फाइनल और एक क्वार्टर फाइनल मैच की मेजबानी करेगा. जीडीसीए के आदेश के बाद इन सभी दुकानदारों ने अदालत का रुख किया. अदालत ने सभी पक्षों की बात सुनते हुए अपने फैसले में जीडीसीए को इन दुकानदारों को पहली किस्त में 25 लाख रुपए का मुआवजा देने को कहा है और साथ ही इन दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी मुआवजा देने को कहा है.
वीडियो: यहां तैयार हो रहे कई बाइचुंग भूटिया
अदालत ने शहर के जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति बनाने को कहा है. अदालत ने दुकानदारों से इस समिति के समक्ष अपना संभावित नुकसान रखने की बात कही है.दो सदस्यीय समिति कुल मआवजे की रकम पर फैसला लेगी और अगर ज्यादा फंड की जरूरत पड़ेगी, तो जीडीसीए को वह राशि भी देनी होगी.अदालत ने कहा है कि अगर वह मुआवजे की राशि से दुकानदार संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वह सिविल अदालत में अपील कर सकते हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
FIFA Under17 World Cup, Kerala HC