- एन्टोइन ग्रीजमैन ने शुरुआत से ही जर्मनी पर दबाव बनाए रखा
- 1958 के बाद बड़े टूर्नामेंट में फ्रांस की टीम जर्मनी को हराया
- रविवार को पुर्तगाल के खिलाफ़ फाइनल
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नई दिल्ली:
फ्रांस का आक्रमण इस पूरे यूरो मुकाबलों में टीम की सबसे खास बात रही है और जर्मनी के खिलाफ़ भी एन्टोइन ग्रीजमैन ने शुरुआत से ही जर्मनी पर दबाव बनाना शुरू किया।
पिछले 10 सालों में जर्मनी की टीम को बड़े टूर्नामेंट्स में रोकना मुश्किल रहा है, लेकिन यहां टीम पुराने रंग में नहीं दिखी। पहले हाफ के इंजुरी टाइम में इटली के रेफरी को हैंडबॉल नज़र आया और एन्टोइन ग्रीजमैन ने कीपर नोयर को छकाने में कोई गलती नहीं की।
दूसरे हाफ में भी एन्टोइन ग्रीजमैन पूरे रंग में दिखे, फिर से उन्होंने जर्मनी के गोलकीपर की गलती का पूरा फायदा उठाया और फ्रांस की लीड को 2-0 कर दिया।

जर्मनी ने आखिर के मिनटों में कोशिश तो पूरी की गोल करने की, लेकिन वो कामयाब नहीं हुए। 1958 के बाद किसी बड़े टूर्नामेंट में फ्रांस की टीम आखिरकार जर्मनी को हराने में कामयाब हो ही गई और रविवार को पुर्तगाल के खिलाफ़ फाइनल जीतने की भी वो बड़ी दावेदार बन गई है।
पिछले 10 सालों में जर्मनी की टीम को बड़े टूर्नामेंट्स में रोकना मुश्किल रहा है, लेकिन यहां टीम पुराने रंग में नहीं दिखी। पहले हाफ के इंजुरी टाइम में इटली के रेफरी को हैंडबॉल नज़र आया और एन्टोइन ग्रीजमैन ने कीपर नोयर को छकाने में कोई गलती नहीं की।
दूसरे हाफ में भी एन्टोइन ग्रीजमैन पूरे रंग में दिखे, फिर से उन्होंने जर्मनी के गोलकीपर की गलती का पूरा फायदा उठाया और फ्रांस की लीड को 2-0 कर दिया।

जर्मनी ने आखिर के मिनटों में कोशिश तो पूरी की गोल करने की, लेकिन वो कामयाब नहीं हुए। 1958 के बाद किसी बड़े टूर्नामेंट में फ्रांस की टीम आखिरकार जर्मनी को हराने में कामयाब हो ही गई और रविवार को पुर्तगाल के खिलाफ़ फाइनल जीतने की भी वो बड़ी दावेदार बन गई है।
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