BCCI ने क्रिकेट टीम की भविष्य की कार्रवाई तथा टीम के गिरते स्तर को रोकने के लिए उपाय ढूंढने का फैसला अध्यक्ष और सचिव पर सौंप दिया है।
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मुंबई:
भारत को टेस्ट श्रृंखला में इंग्लैंड से मिली करारी शिकस्त से चिंतित बीसीसीआई ने सोमवार को क्रिकेट टीम की भविष्य की कार्रवाई तथा टीम के गिरते स्तर को रोकने के लिये सुधारवादी उपाय ढूंढने का फैसला अध्यक्ष और सचिव पर सौंप दिया है। बीसीसीआई की कार्यकारी समिति ने आज टीम के खराब प्रदर्शन पर संक्षिप्त चर्चा की और फिर अपने दो शीर्ष अधिकारियों पर भविष्य की योजना की जिम्मेदारी छोड़ दी। भारत को तीन दिन पहले मौजूदा टेस्ट श्रृंखला में 0-3 से हारकर नंबर एक टेस्ट रैंकिंग स्थान गंवाना पड़ा। बीसीसीआई के एक शीर्ष सूत्र ने कार्यकारी समिति की बैठक के बाद कहा, इस मुद्दे पर संक्षिप्त चर्चा की गई और हमने इस पर विचार करने के लिए इसे अपने अध्यक्ष (शंशाक मनोहर) और सचिव (एन श्रीनिवासन) पर छोड़ दिया है। हम निश्चित रूप से परिणामों से चिंतित हैं। बीसीसीआई ने यह भी फैसला किया है कि अब एक पूर्व क्रिकेटर संन्यास लेने के पांच साल बाद राष्ट्रीय चयनकर्ता के लिये योग्य हो सकता है जबकि इससे पहले यह समय सीमा 10 वर्ष की थी। सूत्र ने कहा, ऐसा महसूस किया गया कि 10 साल का समय काफी लंबा है। इसलिए हमने इसे पांच साल का करने का फैसला किया। इससे सुनिश्चित होगा कि हमारे पास राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के रूप में काफी योग्य उम्मीदवार हो जाएंगे। सूत्र ने कहा कि बैठक में ज्यादातर समय बोर्ड की 19 और 20 सितंबर को यहां होने वाली आम सालाना बैठक से पहले विभिन्नि समितियों की रिपोर्ट की पुष्टि के लिए दिया गया। बीसीसीआई सचिव और भावी अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने एक बयान में कहा, बैठक में 2010-11 के खातों को मंजूरी दी गई। यह फैसला किया गया कि 19 और 20 सितंबर 2011 को होने वाली बोर्ड की 83वीं आम सालाना बैठक मुंबई में क्रिकेट सेंटर में आयोजित की जाएगी। बीसीसीआई ने टीवी अधिकारों से राज्य संघों को अधिकतम 27 करोड़ रूपये की सब्सिडी बढ़ाने का फैसला किया। सूत्र ने कहा, पिछले साल की सब्सिडी करीब 22 करोड़ रूपये की थी। अब इसे 23 करोड़ से 27 करोड़ रूपये के बीच तक बढ़ाने का फैसला किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी ने बीसीसीआई से अपना बेस कोच्चि से अहमदबाद कराने का आग्रह किया है।
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