भारत की इंटरनेशनल पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी प्रेमा विश्वास ने एक भावुक अपील की है. उनका आरोप है कि आने वाले आइची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स के लिए उनकी ऑफिशियल एंट्री जानबूझकर देर से भेजी गई, जिसकी वजह से उसे रिजेक्ट कर दिया गया. सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत दखल देने की मांग करते हुए, WH1 कैटेगरी की इस एथलीट ने सेलेक्शन प्रोसेस पर सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि एशियन सिंगल्स रैंकिंग में 8वीं और विमेंस डबल्स में टॉप 6 रैंक होने के बावजूद, उनसे कम रैंक वाले खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया.
प्रेमा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा,"मेरी सिंगल्स एशियन रैंकिंग 8 है और मैं विमेंस डबल्स में टॉप 6 में हूं. फिर भी, आइची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स के लिए मेरी एंट्री शुरू में नहीं भेजी गई." उन्होंने आगे कहा,"जब आखिरकार इसे भेजा गया, तो इसमें इतनी देर हो चुकी थी कि अब इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है. इसमें मेरी क्या गलती है?"
प्रोसेस में भेदभाव की ओर इशारा करते हुए प्रेमा ने पूछा कि उनकी सालों की मेहनत को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि सिंगल्स कैटेगरी में 11वीं रैंक तक के खिलाड़ियों की एंट्री सफलतापूर्वक प्रोसेस हो गई.
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर की रहने वाली इस पैरा-शटलर ने लिखा,"इसमें मेरी क्या गलती है? जब सिंगल्स में 11वीं रैंक तक के खिलाड़ियों की एंट्री जमा की गई, तो मेरी सिंगल्स रैंक 8 और विमेंस डबल्स में टॉप 6 होने के बावजूद मुझे क्यों छोड़ दिया गया? मुझे अपनी सालों की मेहनत और रैंकिंग के नुकसान का सामना क्यों करना पड़े?"
अपनी निजी और आर्थिक मुश्किलों के बारे में बताते हुए शटलर ने कहा कि वह एक गरीब परिवार से आती हैं, उनके पिता का निधन हो चुका है और फिलहाल उनके पास न तो कोई रेगुलर नौकरी है और न ही कोई लंबे समय का स्पॉन्सरशिप सपोर्ट. उन्होंने आगे कहा,"मैं बहुत गरीब परिवार से आती हूं. मैंने अपने पिता को खो दिया है, मेरे पास कोई नौकरी नहीं है और न ही कोई पक्का स्पॉन्सर है. मैं लोगों से मदद मांगकर, बहुत मुश्किल हालात में ट्रेनिंग करके और अपने देश का प्रतिनिधित्व करके इस लेवल तक पहुंची हूं."
"यह मेरे लिए कोई आम टूर्नामेंट नहीं है. यह मेरे करियर का पहला और शायद आखिरी एशियन पैरा गेम्स है." उन्होंने कहा,"मेरे पास इतने सालों तक इसी तरह खेलते रहने और अपनी रैंकिंग को फिर से बनाने के लिए ज़रूरी आर्थिक मदद नहीं है."
प्रधानमंत्री मोदी से निष्पक्ष खेल सुनिश्चित करने की अपील करते हुए, प्रेमा ने खेल से जुड़े नियमों के तहत प्रशासनिक देरी को ठीक करने के लिए सरकार से तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया. उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा,"प्रधानमंत्री जी, मैं कोई एहसान नहीं मांग रही हूं. मैं बस न्याय चाहती हूं. मैं बस अपने देश के लिए खेलने का एक मौका चाहती हूं." प्रेमा ने इजिप्ट पैरा-बैडमिंटन इंटरनेशनल 2025 में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते. यह टूर्नामेंट पैरा-एशियन गेम्स के लिए खिलाड़ियों के चयन की रैंकिंग का हिस्सा था.
(इनपुट-आईएएनएस)
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