अभिनव बिंद्रा
नई दिल्ली:
स्टार निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने लक्ष्य ओलिंपिक पोडियम (टॉप) समिति से हटने का फैसला किया है जो संभावित ओलिंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों का चयन करती है। इन खिलाड़ियों को अगले साल होने वाले रियो ओलिंपिक खेलों से पहले शीर्ष स्तर के प्रशिक्षण के लिए सरकार से पैसा मिलता है।
अभिनव बिंद्रा ने लिखा पत्र
टॉप समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को लिखे पत्र में बिंद्रा ने कहा कि उन्होंने पैनल से त्यागपत्र देने का फैसला किया है क्योंकि रियो ओलिंपिक की तैयारियों के कारण वह इस कार्यक्रम में ‘सार्थक योगदान’ देने के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे। भारत की तरफ से व्यक्तिगत ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी बिंद्रा ने अपने पत्र में कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं कि ओलिंपिक खेलों में दस महीने का समय बचा है। मैं अब पूरी तरह से अपने अभ्यास पर ध्यान देना चाह रहा हूं। मैं टॉप कार्यक्रम का हिस्सा बनने पर इसलिए सहमत हुआ कयोंकि मैं इसमें खिलाड़ियों के लिहाज से सार्थक योगदान देना चाहता था।’’
अगले साल समय नहीं रहेगा
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपनी जिंदगी में हमेशा उत्कृष्टता हासिल करने का समर्थन किया और हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहा। मेरे पास कार्यक्रम में सक्रिय योगदान देने के लिए अगले साल समय नहीं रहेगा और इसलिए मुझे नहीं लगता कि समिति का सदस्य बने रहना उचित होगा।’’
पिछले साल खेल मंत्रालय ने टॉप समिति का गठन किया
टॉप समिति का गठन पिछले साल खेल मंत्रालय ने किया था और इसका अध्यक्ष भाजपा सांसद और बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर को बनाया गया था। इस समिति का काम उन खिलाड़ियों का चयन करना था जिनके रियो ओलिंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना है। इन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और विदेशों में अभ्यास का खर्चा सरकार उठाएगी।
समिति के अन्य सदस्यों में पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान राहुल द्रविड़ और राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद हैं। मंत्रालय अब तक इस कार्यक्रम के तहत 75 से अधिक खिलाड़ियों की पहचान कर चुका है लेकिन कई कारणों से इसके लागू होने में देरी हो रही है।
अभिनव बिंद्रा ने लिखा पत्र
टॉप समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को लिखे पत्र में बिंद्रा ने कहा कि उन्होंने पैनल से त्यागपत्र देने का फैसला किया है क्योंकि रियो ओलिंपिक की तैयारियों के कारण वह इस कार्यक्रम में ‘सार्थक योगदान’ देने के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे। भारत की तरफ से व्यक्तिगत ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी बिंद्रा ने अपने पत्र में कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं कि ओलिंपिक खेलों में दस महीने का समय बचा है। मैं अब पूरी तरह से अपने अभ्यास पर ध्यान देना चाह रहा हूं। मैं टॉप कार्यक्रम का हिस्सा बनने पर इसलिए सहमत हुआ कयोंकि मैं इसमें खिलाड़ियों के लिहाज से सार्थक योगदान देना चाहता था।’’
अगले साल समय नहीं रहेगा
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपनी जिंदगी में हमेशा उत्कृष्टता हासिल करने का समर्थन किया और हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहा। मेरे पास कार्यक्रम में सक्रिय योगदान देने के लिए अगले साल समय नहीं रहेगा और इसलिए मुझे नहीं लगता कि समिति का सदस्य बने रहना उचित होगा।’’
पिछले साल खेल मंत्रालय ने टॉप समिति का गठन किया
टॉप समिति का गठन पिछले साल खेल मंत्रालय ने किया था और इसका अध्यक्ष भाजपा सांसद और बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर को बनाया गया था। इस समिति का काम उन खिलाड़ियों का चयन करना था जिनके रियो ओलिंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना है। इन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और विदेशों में अभ्यास का खर्चा सरकार उठाएगी।
समिति के अन्य सदस्यों में पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान राहुल द्रविड़ और राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद हैं। मंत्रालय अब तक इस कार्यक्रम के तहत 75 से अधिक खिलाड़ियों की पहचान कर चुका है लेकिन कई कारणों से इसके लागू होने में देरी हो रही है।
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