- तेलंगाना के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री टी. जीवन रेड्डी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है
- उन्होंने अपने इस्तीफे में पिछले पार्टी में हो रही मानसिक प्रताड़ना और अपमान को मुख्य कारण बताया है
- इस्तीफे से पहले वरिष्ठ मंत्री श्रीधर बाबू ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन वे अपने फैसले पर अडिग रहे
तेलंगाना के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री टी. जीवन रेड्डी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के फैसले को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है. जीवन रेड्डी ने अपने इस्तीफे में पार्टी के भीतर पिछले 20 महीनों से जारी मानसिक प्रताड़ना और अपमान को इसकी मुख्य वजह बताया है.
20 महीनों की मानसिक पीड़ा का आरोप
टी. जीवन रेड्डी ने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा है कि कांग्रेस के साथ लंबे और प्रतिबद्ध राजनीतिक सफर के बावजूद हाल के आंतरिक घटनाक्रमों ने उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा दी है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे अपमान और मानसिक तनाव के चलते अब उनके लिए पार्टी में बने रहना संभव नहीं है.
वरिष्ठ मंत्री की मनाने की कोशिश नाकाम
इस्तीफे से पहले वरिष्ठ मंत्री श्रीधर बाबू ने टी. जीवन रेड्डी से संपर्क कर उन्हें शांत करने और फैसला बदलने की कोशिश की थी. हालांकि, जीवन रेड्डी अपने निर्णय पर अडिग रहे और अंततः उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया.
निज़ामाबाद‑करीमनगर में कांग्रेस का मजबूत चेहरा
टी. जीवन रेड्डी निज़ामाबाद और करीमनगर क्षेत्र में कांग्रेस के मजबूत स्तंभ माने जाते रहे हैं. BRS (पूर्व में TRS) और TDP की राजनीतिक लहर के बावजूद उन्होंने इस क्षेत्र में कांग्रेस का झंडा बुलंद रखा था. उनके पार्टी छोड़ने से क्षेत्रीय स्तर पर कांग्रेस को बड़ा नुकसान माना जा रहा है.
रेवंत रेड्डी के लिए बढ़ी मुश्किलें
गौर करने वाली बात ये है कि टी जीवन रेड्डी का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पार्टी के भीतर पुराने कांग्रेस नेताओं के असंतोष का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में एक वरिष्ठ नेता का जाना पार्टी के लिए आंतरिक चुनौती को और गहरा कर सकता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं