राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल कोटा का चंबल गार्डन अब नए रूप में नजर आएगा. चंबल नदी के किनारे इस ऐतिहासिक गार्डन के पुनर्विकास के लिए नया रोडमैप तैयार है. आज (11 जुलाई) शाम 5 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे. नगर निगम प्रशासन ने गार्डन के प्राकृतिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए प्लान तैयार किया है. नई सुविधाएं विकसित करने के लिए 80.12 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. काम पूरा होने के साथ ही चंबल नदी के किनारे बसे इस गार्डन की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी और यहां का नजारा किसी 'आईलैंड' से कम नहीं होगा.
कोचिंग सिटी को टूरिज्म सेक्टर में मिलेगी पहचान
कोचिंग सिटी को टूरिज्म के नक्शे पर पहचान दिलाने की दिशा में भी इसे अहम माना जा रहा है. नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर कोटा शहर के सौंदर्यीकरण पर जोर किया जा रहा है. नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है. चंबल गार्डन और किशोरपुरा मुक्तिधाम का पुनर्विकास इसी कड़ी का हिस्सा है.

चंबल गार्डन लंबे वक्त से बदहाल पड़ा हुआ है.
टॉय ट्रेन से लेकर किड्स प्ले जोन भी होगा
यहां आधुनिक पाथ-वे और जॉगिंग ट्रैक तैयार होगा. भव्य सिंह द्वार, चंबल नदी किनारे लेजर रूम समेत कई आकर्षण केंद्र होंगे. बच्चों के लिए किड्स प्ले जोन और टॉय ट्रेन की सुविधा भी विकसित की जा रही है. नगर निगम का दावा है कि प्रोजेक्ट पूरी होने के बाद यहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी.
किशोरपुरा मुक्तिधाम का भी होगा विकास
चंबल गार्डन के साथ ही किशोरपुरा मुक्तिधाम के विस्तार और सौंदर्यीकरण का काम भी किया जाएगा. इसके लिए 19.46 करोड़ रुपए की योजना तैयार की गई है. इसमें तीन नए शेड, बैठक हॉल, पार्किंग, बाउंड्री वॉल सहित पूरे क्षेत्र का व्यवस्थित विकास किया जाएगा.
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