राजस्थान के कोटा में चंद्रसेल मठ के महंत देवानंद की हत्या ने पूरे हाड़ौती में सनसनी फैला दी है. संत देवानंद महाराज चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) के राजमना गांव के निवासी थे. सवाई माधोपुर के ढूंढा गांव से शवयात्रा निकाली जाएगी और चाणक्य दह आश्रम में अंतिम संस्कार होगा. उनकी हत्या के बाद कोटा से सवाई माधोपुर तक गम का माहौल है. संत समाज, ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों के लोगों में गुस्सा भी देखा जा रहा है. सवाल यह है कि आखिर महंत की हत्या किसने की और इसके पीछे वजह क्या थी?
4-5 लोगों को पुलिस ने किया डिटेन
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे संपत्ति विवाद है, ट्रस्ट से जुड़ा कोई मामला है या फिर कोई पुरानी रंजिश. परिजनों और स्थानीय लोगों ने भी कई संदेह जाहिर किए हैं. पुलिस ने बताया कि 4-5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. घटनास्थल से लेकर आसपास के क्षेत्रों के तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
पुलिस का आश्वासन- 48 घंटे के भीतर खुलासा होगा

एसपी तेजस्विनी गौतम ने ट्रस्ट के सदस्यों और ग्रामीणों को जांच का भरोसा दिया है.
बीते दिन (6 जून) कोटा में एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई. करीब 6 घंटे तक चले धरने के बाद पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के आश्वासन पर धरना समाप्त करने पर सहमति बनी. एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि पुलिस की कई टीमें हत्या के हर पहलू की जांच कर रही हैं. साथ ही 48 घंटे के भीतर हत्या की वजह और आरोपियों की भूमिका का खुलासा करने का भरोसा दिया है. दूसरी ओर परिजन और ट्रस्ट से जुड़े लोग इस हत्या के पीछे गहरी साजिश की आशंका जता रहे हैं.
मृतक के भाई का सनसनीखेज दावा
वहीं, मृतक महंत के भाई बुधराज गुर्जर ने महंत की हत्या को सुनियोजित साजिश बताया है. उनका आरोप है कि ट्रस्ट की करीब 750 बीघा जमीन पर भू-माफियाओं की नजरें थीं. ट्रस्ट को लेकर कोर्ट में महत्वपूर्ण फैसला आने वाला था. लेकिन इससे पहले ही कुछ लोगों ने वारदात को अंजाम दे दिया. बुधराज का दावा है कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना से पहले काले रंग की एक थार गाड़ी मठ के आसपास देखी गई थी. उन्होंने पुलिस को भी इस संबंध में जानकारी दी है.

महंत की हत्या पर फूटा लोगों का गुस्सा.
ट्रस्ट के सदस्य का महंत नंदनवन पर शक
ट्रस्ट से जुड़े सदस्य ब्रजराज ने भी ट्रस्ट के विवाद को सीधा कारण मानने से उन्होंने इनकार किया है. उन्होंने आपसी रंजिश को वारदात की संभावित वजह बताया है. उनका कहना है कि घटना से कुछ समय पहले ही वे महंत से मिलकर लौटे थे और बाद में हत्या की सूचना मिली. महंत नंदनवन पर संदेह जताते हुए कहा कि दोनों के बीच लंबे समय से विवाद की स्थिति थी.
लोकसभा स्पीकर के पुलिस को निर्देश
कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल, जिला अध्यक्ष राखी गौतम, भाजपा के पूर्व देहात अध्यक्ष मुकुट नागर और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता अस्पताल पहुंचे. सभी ने परिजनों से मुलाकात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और त्वरित जांच के निर्देश दिए हैं.
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