खाटूश्यामजी में बिना दहेज की शादी की खूब चर्चा हो रही है. इसे सामाजिक कुरीति के खिलाफ सराहनीय पहल बताया जा रहा है. दुल्हन राजस्थान पुलिस में और दूल्हा बेरोजगार. अभी वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगा हुआ है. दोनों खाटूश्यामजी के भक्त हैं. मदनी के रहने वाले अर्जुनराम बुरानिया ने अपने बेटे सुभाष बुरानिया की शादी मंड के रहने वाले पंछीलाल की बेटी सरोज से की है. शादी भी बहुत ही साधारण तरीके से हुई. फिजूल खर्च पर भी रोक लगाकर समाज में एक उदाहरण पेश किया.
दहेज के खिलाफ परिवार
दूल्हे सुभाष के भाई डॉ. युद्धवीर सिंह बुरानिया ने बताया कि उनका परिवार दहेज के खिलाफ है. बेटा और बेटी की शादी में दहेज ना तो देते हैं और ना ही लेते हैं. शगुन के तौर पर 1 रुपये और एक नारियल लेने और देने की परंपरा है. बाबा श्याम ने सब कुछ दिया है.
बेटी की शादी में भी नहीं दिया दहेज
परिवार में दो बेटियां डॉ. सुमन बुरानिया और डॉ. प्रियंका बुरानिया चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हैं. बड़े भाई महेश कुमार बुरानिया देश सेवा में एसएसबी में कार्यरत हैं. परिवार का मानना है कि शिक्षा और संस्कार ही सबसे बड़ा धन हैं, दहेज नहीं. बेटी की शादी में भी दहेज नहीं दिया.
बुरानिया परिवार की हो रही सराहना
बुरानिया परिवार की इस पहल की खूब सराहना हो रही है. लोगों का कहना है कि यदि समाज के अन्य परिवार भी इस तरह की सोच अपनाए, तो दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने की दिशा में यह एक प्रेरणादायक कदम साबित हो सकता है.
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