- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगरूर से 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन डायल 112 सेवा के लिए रवाना किए
- ये वाहन अत्याधुनिक तकनीक जैसे स्मार्टफोन, डैश कैमरा, वायरलेस सिस्टम और जीपीएस ट्रैकर से लैस हैं
- डायल 112 पर प्रतिदिन करीब पंद्रह हजार कॉल आती हैं, जिनमें से तेरह से चौदह मिनट में सहायता पहुंचाई जाती है
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए संगरूर से 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन (ईआरवी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पंजाब में अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तर्ज पर महज छह मिनट में पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की कानून‑व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी.

112 डायल सेवा को मिले अत्याधुनिक वाहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि ये सभी इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन डायल‑112 सेवा के तहत राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सहायता सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने इसे तकनीक‑आधारित और त्वरित पुलिसिंग की दिशा में अहम पहल बताते हुए कहा कि इससे आम लोगों में सुरक्षा की भावना और मजबूत होगी.

आधुनिक तकनीक से लैस इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि सभी इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन मोबाइल डेटा टर्मिनल, स्मार्टफोन, डैश कैमरे, वायरलेस सिस्टम और जीपीएस ट्रैकर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हैं. उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के जरिए पुलिस की कार्यक्षमता और जवाबदेही दोनों में सुधार होगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि डायल‑112 पर प्रतिदिन लगभग 15,000 कॉल प्राप्त होती हैं, जिनमें से करीब 1,500 कॉल पर तुरंत वाहन भेजे जाते हैं और प्रतिक्रिया समय को पहले के 30–45 मिनट से घटाकर 13–14 मिनट कर दिया गया है.

पुलिस वाहनों पर रिकॉर्ड निवेश का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में पंजाब सरकार ने पुलिस वाहनों पर 327.70 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि ‘कैप्टन सरकार' के दौरान पुलिस वाहनों पर 92.52 करोड़ रुपये और अकाली दल सरकार के समय 160 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने 2022 से अब तक 2,904 नए वाहन खरीदे हैं और अब हर पुलिस स्टेशन के पास कम से कम एक नया वाहन उपलब्ध है.
कानून‑व्यवस्था और निवेश के बीच संबंध
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि किसी भी राज्य की कानून‑व्यवस्था का सबसे बड़ा पैमाना वहां होने वाला निवेश होता है. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील द्वारा पंजाब में अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित करना राज्य की मजबूत कानून‑व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण है. उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और पंजाब देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक बनता जा रहा है.
नशे के खिलाफ सख्त रुख और सामाजिक बहिष्कार की अपील
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब से नशे के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए नशे के कारोबार में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार जरूरी है. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने नशे के व्यापार के खिलाफ कड़ा शिकंजा कस दिया है और ऐसे मामलों में सजा दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि “नशों के खिलाफ युद्ध” के तहत सप्लाई चेन तोड़कर और बड़े तस्करों को गिरफ्तार कर इस अवैध कारोबार की रीढ़ तोड़ी गई है.

सड़क सुरक्षा और पुलिस आधुनिकीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स शुरू की है. 1,597 प्रशिक्षित कर्मियों और 144 आधुनिक वाहनों के साथ यह फोर्स 4,200 किलोमीटर दुर्घटना‑प्रभावित हाईवे पर तैनात है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है. उन्होंने बताया कि इस पहल की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी सराहना की है.
भर्ती, भविष्य की योजनाएं और पारदर्शी शासन का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब पुलिस में 12,197 भर्तियां की जा चुकी हैं और मार्च 2026 में 1,746 कांस्टेबल तथा 3,298 नए पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि भविष्य में पुलिस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा. पारदर्शी शासन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स का पैसा जिम्मेदारी से विकास कार्यों में लगाया जा रहा है और ईमानदार शासन ही उनकी सरकार की पहचान है.

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