प्रतीकात्मक तस्वीर
पटना-बेतिया:
बिहार में पूर्णशराबबंदी के लिए सदन में शपथ लेने वाले कांग्रेस विधायक विनय वर्मा अपने मेहमानों को कथित रूप से शराब पीने का न्योता देकर मुश्किल में घिरते दिख रहे हैं। दरअसल एक निजी समाचार चैनल द्वारा पटना के एक बड़े होटल में किए गए स्टिंग ऑपरेशन में कथित रूप से वर्मा को अपने अतिथियों शराब पीने का निमंत्रण देते हुए यह कहते हुए दिखाया गया था कि उनके पास कई ब्रांड की शराब है।
शराब ना पीने और ना पिलाने की ली थी शपथ
बीती 30 मार्च को बिहार विधानसभा में शराबबंदी को लेकर एक विधेयक पारित किए जाने के समय वर्मा ने अन्य विधायकों के साथ शराब न पीने और दूसरों को इसका न सेवन करने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली थी। गत पांच मई को बिहार सरकार ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी का निर्णय लिया था।
पुलिस को चकम देकर फरार हुए वर्मा
पश्चिमी चंपारण जिला के नरकटियागंज से कांग्रेस विधायक विनय वर्मा हिरासत में लिए जाने के पहले शिकारपुर थाना परिसर से अपने समर्थकों की मदद से वाहन पर सवार होकर फरार हो गए। अनुमंडल पुलिस अधिकारी अमन कुमार ने बताया कि विधायक सुबह शिकारपुर थाना उक्त स्टिंग ऑपरेशन मामले में अज्ञात पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उनके आवेदन पर विचार किया जा रहा था, तभी उनके समर्थकों ने आगे पैदा होने वाली समस्या की आशंका के मद्देनजर और विधायक को भागने में मदद करने के लिए उक्त थाना परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया।
वर्मा को कारण बताओ नोटिस भी जारी
अमन ने बताया कि विधायक के शिकारपुर थाना से फरार होने पर पुलिस और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीक्षक राकेश कुमार द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने अपनी पार्टी विधायक की इस हरकत के बारे में कहा कि इस बारे में वे मीडिया रिपोर्ट के लिए अवगत हुए और उनकी पार्टी उन्हें (वर्मा) कारण बताओ नोटिस जारी करेगी और उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण से पार्टी आलाकमान को सूचित किया जाएगा।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
शराब ना पीने और ना पिलाने की ली थी शपथ
बीती 30 मार्च को बिहार विधानसभा में शराबबंदी को लेकर एक विधेयक पारित किए जाने के समय वर्मा ने अन्य विधायकों के साथ शराब न पीने और दूसरों को इसका न सेवन करने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली थी। गत पांच मई को बिहार सरकार ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी का निर्णय लिया था।
पुलिस को चकम देकर फरार हुए वर्मा
पश्चिमी चंपारण जिला के नरकटियागंज से कांग्रेस विधायक विनय वर्मा हिरासत में लिए जाने के पहले शिकारपुर थाना परिसर से अपने समर्थकों की मदद से वाहन पर सवार होकर फरार हो गए। अनुमंडल पुलिस अधिकारी अमन कुमार ने बताया कि विधायक सुबह शिकारपुर थाना उक्त स्टिंग ऑपरेशन मामले में अज्ञात पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उनके आवेदन पर विचार किया जा रहा था, तभी उनके समर्थकों ने आगे पैदा होने वाली समस्या की आशंका के मद्देनजर और विधायक को भागने में मदद करने के लिए उक्त थाना परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया।
वर्मा को कारण बताओ नोटिस भी जारी
अमन ने बताया कि विधायक के शिकारपुर थाना से फरार होने पर पुलिस और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीक्षक राकेश कुमार द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने अपनी पार्टी विधायक की इस हरकत के बारे में कहा कि इस बारे में वे मीडिया रिपोर्ट के लिए अवगत हुए और उनकी पार्टी उन्हें (वर्मा) कारण बताओ नोटिस जारी करेगी और उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण से पार्टी आलाकमान को सूचित किया जाएगा।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
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