भारत के गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा जब जैवलिन लेकर मैदान में उतरते हैं तो करोड़ों भारतीयों की नजरें उनके एक थ्रो पर टिक जाती हैं. हरियाणा के खंडरा गांव के इस लड़के ने धीरे-धीरे खुद को दुनिया के सबसे बड़े जैवलिन खिलाड़ियों में शामिल कर लिया. नीरज के करियर में अब तक कई यादगार पदक आए हैं, लेकिन गोल्ड मेडल की बात करें तो उन्होंने बड़े अंतरराष्ट्रीय और प्रमुख आयोजनों में 9 बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया है.
2016: विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में पहला बड़ा गोल्ड
नीरज के करियर का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय गोल्ड 2016 में आया. पोलैंड के बिडगोस्ज में हुई विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 86.48 मीटर का थ्रो करते हुए गोल्ड मेडल जीता. यह उस समय जूनियर विश्व रिकॉर्ड भी था. इसी जीत ने नीरज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई और दुनिया ने भारत के इस युवा जैवलिन थ्रोअर को गंभीरता से लेना शुरू किया.
2017: एशियन चैंपियनशिप में जीता सोना
विश्व अंडर-20 चैंपियन बनने के बाद नीरज का आत्मविश्वास लगातार बढ़ता गया. 2017 में उन्होंने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर साबित किया कि उनकी सफलता सिर्फ जूनियर स्तर तक सीमित नहीं है. यह नीरज के सीनियर करियर का एक अहम पड़ाव था, जिसने उन्हें एशिया के शीर्ष जैवलिन खिलाड़ियों में शामिल कर दिया.
2018: कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड
साल 2018 नीरज चोपड़ा के करियर के सबसे शानदार सालों में से एक रहा. ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 86.47 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया. नीरज ने इस जीत के साथ कॉमनवेल्थ मंच पर भारत का दबदबा दिखाया और खुद को दुनिया के बड़े जैवलिन खिलाड़ियों में मजबूती से स्थापित किया.
2018: एशियन गेम्स में भी चमका सोना
कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ महीनों बाद नीरज ने जकार्ता एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीत लिया. उन्होंने 88.06 मीटर का थ्रो करते हुए खिताब अपने नाम किया. एक ही साल में कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स का गोल्ड जीतना नीरज के करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा.
2021: टोक्यो ओलंपिक में रचा इतिहास
7 अगस्त 2021 का दिन भारतीय खेल इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा. टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में नीरज ने 87.58 मीटर का थ्रो किया और गोल्ड मेडल जीत लिया. वह एथलेटिक्स में ओलंपिक गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बने. यह न सिर्फ नीरज, बल्कि पूरे भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक जीत थी.
2022: डायमंड लीग फाइनल का खिताब
टोक्यो ओलंपिक के बाद भी नीरज का शानदार सफर जारी रहा. 2022 में उन्होंने डायमंड लीग फाइनल जीतकर एक और बड़ा गोल्ड अपने नाम किया. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने साबित कर दिया कि उनका प्रदर्शन सिर्फ एक बड़े टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है और वह लगातार दुनिया के शीर्ष जैवलिन खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं.
2023: विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड
2023 में बुडापेस्ट में हुई विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप नीरज के करियर का एक और सुनहरा अध्याय बनी. उन्होंने 88.17 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता और विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले एथलीट बने. नीरज ने इस जीत के साथ ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप, दोनों के सबसे बड़े खिताब अपने नाम कर लिए.
2023: एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड
नीरज ने 2023 के एशियन गेम्स में भी अपना दबदबा कायम रखा. उन्होंने एक बार फिर गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में अपने खिताब का बचाव किया. इससे पहले वह 2018 में भी चैंपियन बने थे. इस तरह नीरज एशियन गेम्स के मंच पर लगातार दो बार गोल्ड जीतने में सफल रहे.
2025: अपने नाम के टूर्नामेंट में भी जीता गोल्ड
2025 में आयोजित पहले नीरज चोपड़ा क्लासिक में भी भारतीय स्टार ने गोल्ड मेडल जीता. बेंगलुरु में हुए इस टूर्नामेंट में उन्होंने 86.18 मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया. खास बात यह रही कि यह प्रतियोगिता उन्हीं के नाम पर आयोजित की गई थी और नीरज ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने खिताब जीतकर इसे यादगार बना दिया.
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में वह गोल्ड से चूककर सिल्वर तक पहुंचे, जबकि लॉजेन डायमंड लीग में भी दूसरे स्थान पर रहे. लेकिन नीरज के करियर की 9 बड़ी गोल्डन जीतें बताती हैं कि भारतीय जैवलिन स्टार ने दुनिया के लगभग हर बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ी है.
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