भारत की हरजिंदर कौर ने मंगलवार को राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए वेटलिफ्टिंग में महिलाओं के 69 किग्रा वजन वर्ग में रजत पदक जीता. इस दौरान उन्होंने स्नैच और क्लीन एवं जर्क दोनों में खेलों के रिकॉर्ड भी तोड़े. भारत की 29 वर्षीय हरजिंदर ने 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 71 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था. इस बार उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए भारोत्तोलन में भारत के लिए मौजूदा खेलों का सातवां पदक हासिल किया. हरजिंदर ने स्नैच में दो बार राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बेहतर किया. उन्होंने पहले 99 किग्रा वजन उठाकर नया रिकॉर्ड बनाया और फिर अंतिम प्रयास में 101 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया.
हरजिंदर ने इसके बाद क्लीन एवं जर्क में आसानी से 120किलो और 123किलो का वज़न उठाया और फिर अपने आखिरी प्रयास में शानदार 126kg का वज़न उठाकर अपना ही पर्सनल बेस्ट रिकॉर्ड तोड़ा और अपना कुल स्कोर 227kg तक पहुंचा दिया. उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स का क्लीन एंड जर्क रिकॉर्ड भी दो बार तोड़ा - पहले 123किलो और फिर 126किलो के साथ.
हालांकि उनके शानदार प्रदर्शन के बावजूद कनाडा की चार्लोट सिमोनो ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. सिमोनो ने तीनों वर्ग (स्नैच, क्लीव एवं जर्क, कुल वजन) में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाया. उन्होंने स्नैच में 108 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 132 किग्रा वजन उठाकर कुल 240 किग्रा का नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बनाया. वह हरजिंदर से 13 किग्रा आगे रहीं.
हरजिंदर के रजत पदक के साथ भारोत्तोलन में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा. दबाव के बीच लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की हरजिंदर की क्षमता ने बर्मिंघम खेलों के बाद उनके खेल में आए सुधार को भी दर्शाया. भारतीय भारोत्तोलकों ने अब तक राष्ट्रमंडल खेलों में एक स्वर्ण, पांच रजत और एक कांस्य सहित कुल सात पदक जीतकर इस प्रतियोगिता में अपनी बढ़ती मजबूती और निरंतरता का परिचय दिया है.
कौन हैं हरजिंदर कौर?
पंजाब में नाभा के पास मेहास गांव में जन्मीं हरजिंदर का स्पोर्ट्स का सफ़र वेटलिफ़्टिंग प्लेटफ़ॉर्म से दूर शुरू हुआ था. शुरुआत में कबड्डी से उन्होंने अपना करियर शुरू किया था और इसके बाद टग-ऑफ-वार (रस्साकशी) में हिस्सा लिया. कोच परमिंदर शर्मा ने उनकी स्वाभाविक ताकत को पहचाना और उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी में वेटलिफ़्टिंग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया.
उनकी कामयाबी का सफ़र चुनौतियों से भरा था. हरजिंदर ने अक्सर उन आर्थिक मुश्किलों के बारे में बात की है जिनका सामना उनके परिवार ने उनके शुरुआती दिनों में किया था. सीमित साधनों के बावजूद उनके पिता ने उनके सपनों को पूरा करने में उनका साथ दिया.
हरजिंदर ने 2022 में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की 71 किग्रा वर्ग में कुल 212 किग्रा वज़न उठाकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था. 69 किग्रा वर्ग में आने के बाद से, वह भारत की सबसे बेहतरीन और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली वेटलिफ्टर्स में से एक रही हैं. उन्होंने 2025 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, वर्ल्ड चैंपियनशिप में 14वां स्थान हासिल किया और 2026 एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्नैच इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.
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