विज्ञापन
This Article is From Apr 27, 2017

आदिवासियों के जिम में जकूजी और सॉना क्यों? शिवसेना मंत्री से लोकायुक्त का सवाल

आदिवासियों के जिम में जकूजी और सॉना क्यों? शिवसेना मंत्री से लोकायुक्त का सवाल
फाइल फोटो
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर पर सरकारी जमीन के गबन के आरोप की सुनवाई के दौरान लोकायुक्त ने टिप्पणी की कि आदिवासियों के नाम पर बनाए गए जिम में जकूजी और सॉना क्यों बनाए गए हैं? मामले में शिकायतकर्ता और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने इस बात की सूचना दी. निरुपम के लगाए आरोप में कहा गया है कि रविंद्र वायकर ने आरे कॉलोनी की 20 एकड़ की जमीन हड़पी है. इस जमीन पर आदिवासियों के लिए जिम और सॉना बाथ बनाने के नाम पर एक हेल्थ सेंटर बना दिया गया है जिसकी ऊपरी मंज़िल अनाधिकृत है.

निरुपम के मुताबिक़ हड़पी हुई जमीन की कीमत 20 करोड़ रुपये है और चौंकानेवाली बात है कि इस जमीन पर बने हेल्थ सेंटर को चलानेवाली संस्था वायकर की पत्नी की है. यही नहीं, चैरिटी कमिश्‍नर इस संस्था को उनके पास रजिस्टर्ड नहीं मानते. कुल मिलाकर एक गैर रजिस्टर्ड संस्था को वायकर ने सरकारी जमीन का हिस्सा दिलाया है और 27 लाख रुपये की सरकारी मदद भी दिलाई है, जो की गैरकानूनी है.

निरुपम ने यह भी दावा किया है कि आरे प्रशासन ने 3 बार, अक्टूबर, दिसंबर 2014 और मार्च 2016 को सरकारी संस्था म्हाडा को ख़त लिखा और बताया कि हेल्थ सेंटर को हटाया जाए. लेकिन, मंत्री रहते हुए वायकर अपने अधीन म्हाडा को कारर्वाई से रोक रहे हैं. मामले की सुनवाई महाराष्ट्र के लोकायुक्त एम एल टहिलीयानी के सामने चल रही है.

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता निरुपम ने इस बात पर जोर दिया कि हेल्थ सेंटर में किस तरह से अवैध निर्माण किया गया है. निरुपम ने बताया कि लोकायुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन का कमर्शियल इस्तेमाल न हो. न ही वहां अनाधिकृत निर्माण हो. मामले की अगली सुनवाई 2 मई को होगी. वायकर के वकील के द्वारा उस समय अपना जवाबी पक्ष रखने की बात कही है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com