मुंबई:
मुंबई से सटे उल्लाहसनगर में एक मोबाइल क्लिप वायरल हुई है, जिसमें एक पुलिसकर्मी एक लड़के और उसके साथी को बुरी तरह पीटते, गालियां देते नजर आ रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों के खिलाफ उन्हें अश्लीलता की शिकायत मिली थी।
मोबाइल में कैद हुई तस्वीरों में नैतिकता का झंडा थामे इलाके के सीनियर इंस्पेक्टर मोहन वाघमारे लड़के की पिटाई करते दिख रहे हैं। तस्वीरों में दिख रहा है कि वाघमारे पहले नौजवान और उसकी साथी को गालियां देना शुरू करते हैं, जब मन नहीं भरा तो उनकी पिटाई भी कर दी। अपनी हरकत की सफाई के लिए मोहन वाघामारे ने कहा, 'इलाके के लोग बहुत गुस्से में थे, उन्होंने पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी, मैंने उनको मारा नहीं सिर्फ धमका कर भगा दिया नहीं तो स्थानीय लोग उनकी पिटाई शुरू कर देते। मेरा मकसद उनको बचाना था।'
वैसे इलाके के लोग, पुलिस की कार्रवाई को जायज ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि उनके इलाके में अक्सर नौजवान अश्लील हरकतें करते हैं, खुलेआम नशे का सेवन करते हैं। कॉलेज के लड़के-लड़कियां खुले में अश्लील हरकते करते हैं, इसलिए हमने पुलिस में शिकायत दी थी। उल्लाहसनगर में रहने वाले भारत ने कहा, 'पुलिस ने अच्छा सहयोग किया, हम उनका समर्थन करते हैं। वहीं कपिल ने कहा, 'ये मामला आज का नहीं है, हमलोगों ने वहां सीसीटीवी कैमरा लगाया था, असमाजिक तत्वों ने उसे तोड़ दिया। पुलिस में हमने शिकायत की थी। पहले पुलिस ने उन्हें समझाया, वो तस्वीरें आपको नहीं मिली हैं, हम सारे लोग पुलिसवालों के साथ गये थे, लोग इसके गवाह हैं। वो नहीं जा रहे थे इसलिए पुलिस को ये करना पड़ा।'
पीड़ितों ने अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है और ना ही इस मामले में प्रशासन ने किसी जांच के आदेश दिए हैं। वैसे 4 महीने में राज्य में पुलिस की कथित नैतिकता का ये तीसरा मामला है। नवंबर में एक जोड़े को अंधेरी पुलिस स्टेशन में पीटा गया, सवाल पूछने पर जवाब मिला कि दोनों पुलिस स्टेशन के बाहर एक दूसरे को गले लगा रहे थे। मामले में जांच के आदेश दिए गए। अगस्त में मड आईलैंड के एक लॉज से 60 जोड़ों को गिरफ्तार किया गया था, यहां भी उनपर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगा था।
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मोबाइल में कैद हुई तस्वीरों में नैतिकता का झंडा थामे इलाके के सीनियर इंस्पेक्टर मोहन वाघमारे लड़के की पिटाई करते दिख रहे हैं। तस्वीरों में दिख रहा है कि वाघमारे पहले नौजवान और उसकी साथी को गालियां देना शुरू करते हैं, जब मन नहीं भरा तो उनकी पिटाई भी कर दी। अपनी हरकत की सफाई के लिए मोहन वाघामारे ने कहा, 'इलाके के लोग बहुत गुस्से में थे, उन्होंने पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी, मैंने उनको मारा नहीं सिर्फ धमका कर भगा दिया नहीं तो स्थानीय लोग उनकी पिटाई शुरू कर देते। मेरा मकसद उनको बचाना था।'
वैसे इलाके के लोग, पुलिस की कार्रवाई को जायज ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि उनके इलाके में अक्सर नौजवान अश्लील हरकतें करते हैं, खुलेआम नशे का सेवन करते हैं। कॉलेज के लड़के-लड़कियां खुले में अश्लील हरकते करते हैं, इसलिए हमने पुलिस में शिकायत दी थी। उल्लाहसनगर में रहने वाले भारत ने कहा, 'पुलिस ने अच्छा सहयोग किया, हम उनका समर्थन करते हैं। वहीं कपिल ने कहा, 'ये मामला आज का नहीं है, हमलोगों ने वहां सीसीटीवी कैमरा लगाया था, असमाजिक तत्वों ने उसे तोड़ दिया। पुलिस में हमने शिकायत की थी। पहले पुलिस ने उन्हें समझाया, वो तस्वीरें आपको नहीं मिली हैं, हम सारे लोग पुलिसवालों के साथ गये थे, लोग इसके गवाह हैं। वो नहीं जा रहे थे इसलिए पुलिस को ये करना पड़ा।'
पीड़ितों ने अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है और ना ही इस मामले में प्रशासन ने किसी जांच के आदेश दिए हैं। वैसे 4 महीने में राज्य में पुलिस की कथित नैतिकता का ये तीसरा मामला है। नवंबर में एक जोड़े को अंधेरी पुलिस स्टेशन में पीटा गया, सवाल पूछने पर जवाब मिला कि दोनों पुलिस स्टेशन के बाहर एक दूसरे को गले लगा रहे थे। मामले में जांच के आदेश दिए गए। अगस्त में मड आईलैंड के एक लॉज से 60 जोड़ों को गिरफ्तार किया गया था, यहां भी उनपर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगा था।
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