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जानें कौन हैं साध्वी ऋचा गोस्वामी? किसानों के समर्थन में 9 दिनों से अनशन पर बैठीं, अब सरकार को दिया अल्टीमेटम

MP News: साध्वी ऋचा गोस्वामी ने भी कड़े शब्दों में जिला प्रशासन के माध्यम से अवगत कराया कि अब शासन-प्रशासन को रूपरेखा तैयार करने की आवश्यकता नहीं है. मध्य प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव क्षेत्र की समस्या को संज्ञान में लेते हुए डीपीआर जारी कर दें. अनशन समाप्त हो जाएगा.    

जानें कौन हैं साध्वी ऋचा गोस्वामी? किसानों के समर्थन में 9 दिनों से अनशन पर बैठीं, अब सरकार को दिया अल्टीमेटम
साध्वी ऋचा गोस्वामी
फोटो-समाचार क्रेडिट- जितेंद्र भारद्वाज

Sadhavi Richa Goswami: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में साध्वी ऋचा गोस्वामी  घंसौर तहसील मुख्यालय के मंदिर परिसर में पिछले 9 दिनों से अन्न- जल त्याग कर अनिश्चित कालीन अनशन पर बैठी हैं. इनका कहना है कि नर्मदा परिक्रमा के दौरान क्षेत्रीय किसानों ने उनसे मांग की है कि नर्मदा नदी पास में है, इसके बाद भी किसानों के खेत सूखे रहते हैं. इसकी वजह से क्षेत्रीय लोग पलायन कर रहे हैं. सरकार से मांग है कि किसानों की समस्याओं का निदान करें. इसी मांग को लेकर साध्वी अनशन पर बैठ गईं. 31 जनवरी तक निराकरण नहीं होता है तो उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी गई है. आइए पहले जानते हैं साध्वी ऋचा गोस्वामी आखिर कौन हैं? 

 साध्वी ऋचा गोस्वामी का परिचय

साध्वी ऋचा गोस्वामी का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था. पिता स्वामी महिंद्रा महाराज शुरू से ही धार्मिक और कथा वाचक हैं, इसी वजह से साध्वी ऋचा गोस्वामी ने 5 वर्ष की उम्र में भागवत कथा करना शुरू कर  बचपन से ही आध्यात्म की राह पर चलना शुरू कर दिया. 10 वर्ष की उम्र में 100 भागवत कथा करने का कीर्तिमान स्थापित किया है. पिछले 4 वर्षों से भारत खंड की परिक्रमा कर रही हैं.

साध्वी ऋचा गोस्वामी 17 वर्ष की उम्र में 25 घंटे लगातार भागवत करने का रिकॉर्ड दिल्ली में बनाया है. अमरकंटक स्थित आश्रम में एक ही आसन में 108 घंटे देवी भागवत करने का रिकॉर्ड भी बनाया है.

साध्वी ऋचा गोस्वामी संस्कृत साहित्य सहित 9 भाषाओं की ज्ञाता भी हैं. ज्योतिषी रतन विज्ञान और वैदिक कर्मकांड की ज्ञाता भी मानी जाती हैं. इतना ही नहीं अन्यायन धर्मशास्त्र की ज्ञाता भी साध्वी ऋचा गोस्वामी हैं. उन्होंने 750 से अधिक 19 प्रांतो में कथा का वाचन किया है. जगतगुरु शंकराचार्य महाराज स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज की शिष्या हैं, जो सबसे कम उम्र की शिष्या भी कहलाती हैं. वर्तमान में साध्वी ऋचा गोस्वामी नर्मदा नदी प्रदूषण मुक्ति जागृति आंदोलन की समिति में भी अपना योगदान दे रही हैं.   

उग्र आंदोलन की चेतावनी 

नौ दिनों से निर्जल अनशन पर बैठी साध्वी ऋचा गोस्वामी के समर्थन में भारी जनसमुदाय एकत्रित हुआ और शासन प्रशासन को चेतावनी देते हुए  कहा कि सरकार ने 31 जनवरी तक नर्मदा का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचाने हेतु कोई निर्णय नहीं लिया तो उग्र आंदोलन होगा रेल रोकी जाएगी, चक्का जाम किया जाएगा. 

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