मनसे प्रमुख राज ठाकरे (फाइल फोटो)
मुम्बई:
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने हाल ही में मुम्बई में हुई भगदड़ के खिलाफ यहां पश्चिम रेलवे मुख्यालय तक एक मार्च का नेतृत्व किया और कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘ठगा’ हुआ महसूस कर रहे हैं. पिछले शुक्रवार एक पुल पर हुई भगदड़ की घटना में 23 व्यक्तियों की मौत हो गई थी. ठाकरे ने दक्षिण मुम्बई में चर्चगेट स्टेशन के बाहर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने से पहले पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे के महाप्रबंधकों को उपनगरीय यात्रियों की विभिन्न मुद्दों को रेखांकित करते हुए मांगों की एक सूची सौंपी. उन्होंने ने सभा को संबोधित करते हुए मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोला.
मनसे प्रमुख ठाकरे ने कहा, ‘आप तभी कदम उठाएंगे जब लोग ऐसी दुर्घटनाओं (भगदड़ों) में मरेंगे? समय बीतने के साथ दक्षिण मुम्बई में ऐसे क्षेत्रों की रूपरेखा बदल गई है. वर्ष बीतने के साथ ही दूरदराज के उपनगरीय क्षेत्रों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है, लेकिन आधारभूत ढांचा वही है.’ मनसे प्रमुख ने पश्चिम रेलवे को सभी रेलवे स्टेशनों से अवैध फेरीवालों को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया और कहा कि इसमें विफल होने पर वह ‘मनसे की स्टाइल’ में निपटेंगे.
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मनसे प्रमुख ने कहा, ‘ऐसा प्रतीत होता है कि केवल दो या तीन लोग देश चला रहे हैं. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने वादों को स्वयं चुनावी जुमला कहा था. यहां तक कि नितिन गडकरी ने कहा था कि ‘अच्छे दिन’ गले में फंसी हड्डी की तरह है.
VIDEO : मुंबई भगदड़ : राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नव निर्माण सेना का प्रदर्शन
इसका स्पष्ट तात्पर्य है कि सरकार कई मोर्चों पर विफल हुई है.’ मनसे नेता राज ठाकरे की मोदी के साथ अच्छे संबंध रहे हैं और उन्होंने 2014 में उनके प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी का समर्थन किया था. उन्होंने कहा कि वह इसलिए नाराज हैं क्योंकि देश ने गत तीन वर्षों में बहुत कम प्रगति देखी है. उन्होंने कहा, ‘मुझे गत तीन वर्षों में कोई प्रमुख परिवर्तन नहीं दिख रहा है जबकि सरकार को अच्छा जनादेश मिला है. हमने उनमें (मोदी में) विश्वास किया और हम अब ठगा महसूस कर रहे हैं.’ ठाकरे ने पश्चिम रेलवे के अधिकारियों से भी मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा. इसमें आधारभूत ढांचे में सुधार और उपनगरीय रेलवे स्टेशनों से फेरीवालों को हटाने की मांग शामिल है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मनसे प्रमुख ठाकरे ने कहा, ‘आप तभी कदम उठाएंगे जब लोग ऐसी दुर्घटनाओं (भगदड़ों) में मरेंगे? समय बीतने के साथ दक्षिण मुम्बई में ऐसे क्षेत्रों की रूपरेखा बदल गई है. वर्ष बीतने के साथ ही दूरदराज के उपनगरीय क्षेत्रों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है, लेकिन आधारभूत ढांचा वही है.’ मनसे प्रमुख ने पश्चिम रेलवे को सभी रेलवे स्टेशनों से अवैध फेरीवालों को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया और कहा कि इसमें विफल होने पर वह ‘मनसे की स्टाइल’ में निपटेंगे.
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मनसे प्रमुख ने कहा, ‘ऐसा प्रतीत होता है कि केवल दो या तीन लोग देश चला रहे हैं. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने वादों को स्वयं चुनावी जुमला कहा था. यहां तक कि नितिन गडकरी ने कहा था कि ‘अच्छे दिन’ गले में फंसी हड्डी की तरह है.
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इसका स्पष्ट तात्पर्य है कि सरकार कई मोर्चों पर विफल हुई है.’ मनसे नेता राज ठाकरे की मोदी के साथ अच्छे संबंध रहे हैं और उन्होंने 2014 में उनके प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी का समर्थन किया था. उन्होंने कहा कि वह इसलिए नाराज हैं क्योंकि देश ने गत तीन वर्षों में बहुत कम प्रगति देखी है. उन्होंने कहा, ‘मुझे गत तीन वर्षों में कोई प्रमुख परिवर्तन नहीं दिख रहा है जबकि सरकार को अच्छा जनादेश मिला है. हमने उनमें (मोदी में) विश्वास किया और हम अब ठगा महसूस कर रहे हैं.’ ठाकरे ने पश्चिम रेलवे के अधिकारियों से भी मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा. इसमें आधारभूत ढांचे में सुधार और उपनगरीय रेलवे स्टेशनों से फेरीवालों को हटाने की मांग शामिल है.
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