Delivery In Train: एक्सप्रेस ट्रेन का जनरल डिब्बा, यात्रियों की भारी भीड़ और उसी बीच एक गर्भवती महिला को तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हुई... किसी फिल्मी दृश्य जैसी लगने वाली यह रोमांचक और भावुक कर देने वाली घटना पुणे-सुपौल एक्सप्रेस में घटित हुई. एक महिला ने चलती ट्रेन के भीतर ही अपने बच्चे को जन्म दिया. पुणे रेलवे स्टेशन से बिहार के सुपौल की ओर जाने वाली पुणे-सुपौल एक्सप्रेस शनिवार शाम को अपने निर्धारित समय पर रवाना हुई. इस ट्रेन के जनरल डिब्बे में उत्तर प्रदेश की निवासी रोक्साना खातून (28) अपने पति जमील बेलावर के साथ यात्रा कर रही थीं.
महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई
उन्हें पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर उतरना था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. रात के समय जब ट्रेन अहिल्यानगर स्टेशन के करीब पहुंच रही थी, तभी रोक्साना को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. ट्रेन तेज गति में थी और जनरल डिब्बे की भारी भीड़ के कारण दंपति बेहद परेशान और असहाय महसूस कर रहे थे.
रेलवे प्रशासन का 'रियल टाइम' एक्शन
जैसे ही इस स्थिति की जानकारी मध्य रेलवे को मिली, तुरंत 'ऑपरेशन मातृशक्ति' सक्रिय कर दिया गया. अहिल्यानगर पोस्ट के कॉन्स्टेबल सोमनाथ पाठाडे और हेड कॉन्स्टेबल विश्वजीत काकडे ने बिना समय गंवाए जनरल डिब्बे की ओर दौड़ लगाई. पीड़ा इतनी तीव्र थी कि महिला को वहां से हटाना या अस्पताल ले जाना मुमकिन नहीं था.

Delivery In Train: अहिल्यानगर स्टेशन पर 108 एम्बुलेंस तैनात करवा दी.
महिला ने स्वस्थ बच्चे को दिया जन्म
समय कम था और चुनौतियां बड़ी, लेकिन जवानों ने धैर्य नहीं खोया. डब्बे में मौजूद अन्य महिला यात्रियों के सहयोग से सुरक्षित प्रसव के लिए आवश्यक घेरा बनाया गया. आरपीएफ जवानों की तत्परता और सूझबूझ से रोक्साना ने चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. बच्चे के रोने की आवाज सुनते ही पूरे डिब्बे का तनाव खुशी में बदल गया. प्रसव के बाद असली चुनौती मां और नवजात को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना था. रेलवे पुलिस ने ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले ही अहिल्यानगर स्टेशन के अधिकारियों से संपर्क कर प्लेटफॉर्म पर 108 एम्बुलेंस तैनात करवा दी थी.
जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ
जैसे ही ट्रेन रुकी, डॉ. प्रदीप सुवरशे और एम्बुलेंस चालक मयूर की मदद से मां और बच्चे को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं. रोक्साना के पति जमील ने अपनी पत्नी और बच्चे की जान बचाने के लिए रेलवे पुलिस और प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है. इस घटना ने एक बार फिर भारतीय रेलवे के मानवीय और संवेदनशील चेहरे को दुनिया के सामने रखा है.
(पुणे से यशपाल सोनकांबले की रिपोर्ट)
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