Rail Accident News: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay Highcourt) ने कल्याण (Kalyan) के रहने वाले एक व्यक्ति की ट्रेन से गिरकर हुई मौत के मामले में 8 साल बाद मध्य रेलवे को उसके परिवार को 8 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति एमएम साठये की एकल पीठ ने रेलवे के उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मृतक एक वैध यात्री नहीं था और दुर्घटना उसकी अपनी लापरवाही के कारण हुई थी.
मृतक विकास जोंधले की अगस्त 2018 में तड़के खडवली स्टेशन पर चलती ट्रेन से गिरने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. रेलवे दावा न्यायाधिकरण (RCT) ने फरवरी 2022 में परिवार के मुआवजे के दावे को खारिज कर दिया था, जिसे अब हाई कोर्ट ने उलट दिया है.
कोर्ट ने रेलवे के तर्कों को किया खारिज
रेलवे का तर्क था कि विकास ट्रेन के पायदान (फुटबोर्ड) पर लापरवाही से खड़ा था और उसका टिकट "प्लांटेड" यानी फर्जी तरीके से रखा गया था, लेकिन अदालत ने इन दलीलों को सबूतों के अभाव में अमान्य माना. अदालत ने पाया कि पंचनामे में मृतक के पास से द्वितीय श्रेणी का वैध टिकट बरामद हुआ था और वह हिंगोली से औरंगाबाद होते हुए कल्याण की यात्रा कर रहा था.
9 प्रतिशत की दर से देना होगा ब्याज
न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि रेलवे यह साबित करने में विफल रहा कि यह मामला आत्महत्या, स्वयं को पहुंचाई गई चोट या नशे की स्थिति का था, जो रेलवे को मुआवजे की जिम्मेदारी से छूट देते हैं. हाई कोर्ट ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह मृतक की पत्नी, दो नाबालिग बेटों और माता-पिता को 8 लाख रुपये का मुआवजा घटना के दिन से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ प्रदान करे.
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अदालत ने अपने फैसले में दोहराया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री यह मानने के लिए पर्याप्त है कि मृतक एक 'बोनाफाइड' (वैध) यात्री था और उसकी मृत्यु एक 'अनहोनी घटना' के कारण हुई थी.
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