उज्जैन: श्री महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी और प्रोटोकॉल से होने वाले दर्शन का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया. मंदिर में VIP कल्चर के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर शंख द्वार पर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की. विहिप और बजरंग दल का कहना था कि मंदिर समिति लाइव दर्शन व्यवस्था शुरू करने में देरी कर रही है. दो महीने का आश्वासन देने के बाद भी अब तक काम पूरा नहीं हुआ है. साथ ही, प्रदर्शन के दौरान वीआईपी दर्शन को लेकर भी विरोध किया गया. इसके बाद मंदिर प्रशासन भी खुलकर सामने आया और हिंदूवादी संगठनों द्वारा करवाए गए दर्शन का रिकॉर्ड जारी कर दिया. जिससे पता चलता है कि करीब 6 महीने में हिंदूवादी संगठनों ने 11568 लोगों को प्रोटोकॉल के तहत निःशुल्क दर्शन करवाए, जिससे मंदिर को 29 लाख की आय का नुकसान हुआ.

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार 23 जून को किया प्रदर्शन.
श्रद्धालु के साथ सुरक्षाकर्मी ने की थी मारपीट
दरअसल, हाल ही में बाबा महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मी द्वारा एक श्रद्धालु के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया था. घटना के बाद वीआईपी दर्शन व्यवस्था के विरोध में मंगलवार 24 जून को बड़ी संख्या में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मंदिर पहुंचे. उन्होंने शंख द्वार पर धरना देकर मंदिर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया. उनका आरोप था कि वीआईपी कल्चर के कारण आम श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ा है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है. साथ ही, भस्म आरती और सामान्य दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी की शिकायतें लगातार थाने तक पहुंच रही हैं, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा.
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लाइव दर्शन व्यवस्था बहाल करने में देरी का आरोप
प्रोटोकॉल के तहत 11568 लोगों को कराए फ्री दर्शन
विहिप ओर बजरंग दल द्वारा वीआईपी और प्रोटोकॉल व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करने पर मंदिर समिति अधिकारियों ने पलटवार किया है. अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि जनवरी से अब तक हिंदूवादी संगठनों ने प्रोटोकॉल के तहत 11568 लोगों को निःशुल्क दर्शन करवाए हैं, जिससे मंदिर को 29 लाख की आय का नुकसान हुआ. इसके अलावा 2068 लोगों को भस्मारती भी करवाई गई है. मंदिर समिति के अधिकारियों का कहना है कि ये सब करने वाले संगठन व्यवस्था पर कैसे सवाल खड़े कर सकते हैं.
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