Sheopur Adopted Baby Abandoned: नेशनल हाइवे-552 पर सोईकलां के पास मिली 2 साल की मासूम बालिका का मामला अब बड़े मानव तस्करी नेटवर्क में बदल चुका है. श्योपुर पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें इंदौर के महालक्ष्मी नगर में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली नीता जैन, उसका पति वैभव जैन, आकाश मुंदड़ा और उसकी पत्नी कृतिका मूंदड़ा सहित धार और खरगोन की दो अन्य महिलाएं शामिल हैं.
ऐसे में अब भी सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है कि मासूम बच्ची की असली माता-पिता कौन है? फिलहाल पुलिस इस कड़ी तक नहीं पहुंच सकी है. हालांकि श्योपुर पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने बताया कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया है कि इस मासूम का सौदा 21 नवंबर 2024 को किया गया था, जब वो महज 6 दिन की नवजात थी.
पुलिस ने बताया कि धार जिले में क्लीनिक चलाने वाली महिला से यह बच्ची खरीद-फरोख्त की गई. उसने इसे खरगोन की एक अन्य महिला से लेना बताया. इसके बाद इंदौर में नीता जैन और उसके पति वैभव जैन के जरिए राजगढ़ के व्यवसायी आकाश मूंदड़ा को 1 को लाख रुपये में बेच दिया गया. यानी एक मासूम कई हाथों से होते हुए यहां पहुंची.
35 घंटे में 3 जिलों में दबिश, 6 आरोपी गिरफ्तार
मानव तस्करी का मामला सामने आते ही एसपी ने एक साथ 3 स्पेशल टीमें बनाईं. इस ऑपरेशन में करीब 20 पुलिसकर्मी शामिल हुए. पहली टीम इंदौर पहुंची, जहां से मिले सुराग के आधार पर धार और खरगोन जिले की सीमा से दो महिलाओं को पकड़ा और श्योपुर लेकर आई. बताया जा रहा है कि यह इंदौर से सटा इलाका था और यह सभी इंदौर के महालक्ष्मी नगर के आसपास ही रहा करती थीं, जिसके जरिए ब्यूटी पार्लर और वहां से इनका जुड़ाव अलग-अलग लोगों से हो गया.
CCTV में 'धीमी कार' बनी सबसे बड़ा सुराग
मामले की शुरुआत 18 अप्रैल को हाईवे किनारे मासूम के मिलने से हुई. पुलिस ने आसपास के CCTV खंगाले, जहां एक कार MPC7 ZA 0067 संदिग्ध लगी. बाकी वाहनों की तुलना में इसकी स्पीड धीमी थी, जिससे यह संदेह हो गया था कि यही कार रुककर फिर से आगे बढ़ी है. यहीं से पुलिस को शक हुआ और कार मालिक का पता लगाया गया, जो राजगढ़ का करोड़पति कारोबारी आकाश मूंदड़ा निकला. उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे रैकेट की परतें खुलती चली गई. राजगढ़ के करोड़पति मुंदड़ा दंपती को गिरफ्तार कर श्योपुर पुलिस ने जुलूस निकाला.
पार्लर के जरिए एक-दूसरे से मिली
पुलिस जांच में इसका तार इंदौर के महालक्ष्मी नगर से जुड़ा मिला, जहां से पूरा नेटवर्क संचालित होने के सबूत मिला है. यहां ब्यूटी पार्लर की आड़ में बच्ची का सौदा हुआ था, क्योंकि खरीदार से लेकर बेचने तक... सब पार्लर के जरिए ही एक-दूसरे से मिले. जिसके बाद 6 दिन की मासूम का सौदा हुआ.
मेडिकल कनेक्शन की जांच, रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
अब इस मामले में पुलिस मेडिकल कनेक्शन की जांच कर रही है. पकड़े गए छह आरोपियों में से कई मेडिकल क्षेत्र से जुड़े है. जिनमें एक महिला क्लिनिक भी चलाती है. पुलिस 21 नवंबर 2024 के आसपास के डिलीवरी रिकॉर्ड, जन्म रजिस्टर और डिस्चार्ज एंट्री खंगाल रही है. जांच में देखा जा रहा है कि नवजात अस्पताल से बहर कैसे आई? अधिकारियों का मानना है कि बिना अस्पताल की मिलीभगत से इतनी कम उम्र की बच्ची का इस तरह बाहर आना संभव नहीं है.
एसपी श्योपुर सुधीर अग्रवाल का कहना है कि पूरे नेटवर्क को तोड़ेंगे, किसी को नहीं छोड़ेंगे... मानव तस्करी के हर एंगल पर गहराई से जांच चल रही है. सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और जैविक माता-पिता तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है.
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