विज्ञापन

राबिया मेंशन और मरियम लॉज समेत अंडरवर्ल्ड डॉन इकबाल मिर्ची की ये संपत्तियां होंगी अटैच, मुंबई की कोर्ट ने ED को दी मंजूरी

ED to Seize Iqbal Mirchi’s Assets Under FEO Act 2018: ED के अनुसार, जांच में सामने आया कि इकबाल मिर्ची  (Iqbal Mirchi) ने 1986 में अपनी फर्म M/s Rockside Enterprises के जरिए वर्ली में 6.5 लाख रुपये में संपत्तियां खरीदी थीं. बाद में ट्रस्ट व और किरायेदारों के जरिए वास्तविक स्वामित्व छिपाया गया.

राबिया मेंशन और मरियम लॉज समेत अंडरवर्ल्ड डॉन इकबाल मिर्ची की ये संपत्तियां होंगी अटैच, मुंबई की कोर्ट ने ED को दी मंजूरी
ED Allowed to Attach Iqbal Mirchi property.

ED Allowed to Attach Iqbal Mirchi property Rabia Mansion and Maryam Lodge: मुंबई की एक विशेष अदालत से मृतक अंडरवर्ल्ड डॉन इकबाल मिर्ची  (Iqbal Mirchi) और उसके परिवार को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अंडरवर्ल्ड डॉन इकबाल मिर्ची  (Iqbal Mirchi) और उसके परिवार से जुड़ी अतिरिक्त संपत्तियों को अटैच करने की अनुमति दे दी है. यह कार्रवाई फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स (FEO) एक्ट, 2018 के तहत की जाएगी. 

बुधवार 29 अप्रैल को पारित आदेश में अदालत ने ED को FEO एक्ट की धारा 5(1) के तहत एग्ज़िबिट ‘C' में वर्णित संपत्तियों को अटैच करने की अनुमति दी. साथ ही, जांच के दौरान पहचानी गई अन्य संपत्तियों को शामिल करने के लिए धारा 13 के तहत पूरक आवेदन दाखिल करने की भी इजाजत दी है. 

राबिया मेंशन, मरियम लॉज समेत अन्य संपत्तियां शामिल   

यह आवेदन ED के मुंबई ज़ोनल ऑफिस-I द्वारा दायर किया गया था, जिसमें कहा गया कि ये संपत्तियां आगे की जांच के दौरान सामने आईं और पहले से ही PMLA के तहत चल रही अटैचमेंट कार्रवाई का हिस्सा हैंs. इन संपत्तियों में Worli, Mumbai स्थित करीब 4,970.41 वर्ग मीटर में फैले तीन प्रमुख भूखंड, राबिया मेंशन, मरियम लॉज शामिल हैं. इसके अलावा दुबई में स्थित विदेशी संपत्तियां, जैसे होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट, कॉर्पोरेट बे  और DEC टावर्स में 14 रियल एस्टेट यूनिट्स भी शामिल हैं. 

Latest and Breaking News on NDTV

संपत्तियों को प्रॉक्सी के जरिए रखा गया 

ED के अनुसार, ये संपत्तियां इकबाल मेमन द्वारा अर्जित अपराध की आय से खरीदी गई थीं और इन्हें प्रॉक्सी के जरिये रखा गया था. इसमें सर मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट और परिवार के सदस्य, आसिफ इकबाल मेमन, जुनैद इकबाल मेमन और हाजरा इकबाल मेमन शामिल हैं. जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपियों को फरवरी 2021 में इसी अदालत द्वारा पहले ही फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर घोषित किया जा चुका है, उनकी देश और विदेश में स्थित संपत्तियों को जब्त करने के निर्देश दिए गए थे.

154 करोड़ विदेश भेजे गए 

ED के अनुसार, जांच में सामने आया कि इकबाल मिर्ची  (Iqbal Mirchi) ने 1986 में अपनी फर्म M/s Rockside Enterprises के जरिए वर्ली की ये संपत्तियां 6.5 लाख रुपये में खरीदी थीं और बाद में ट्रस्ट व डमी किरायेदारों के जरिए वास्तविक स्वामित्व छिपाया गया. आगे यह भी आरोप लगाया गया कि वाधवान बंधुओं द्वारा वर्ली की संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए 154 करोड़ रुपये से अधिक की रकम विदेश भेजी गई थी. दुबई की अन्य संपत्तियां भी इसी वित्तीय लेन-देन का हिस्सा थीं. 

अदालत ने माना- संपत्तियां अपराध से अर्जित आय का हिस्सा 

अदालत ने नोट किया कि इन संपत्तियों को पहले ही 2019 और 2020 में PMLA के तहत अस्थायी रूप से अटैच किया जा चुका था, जिसे बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने पुष्टि भी दी थी. अदालत ने माना कि यह विश्वास करने के “मजबूत कारण” हैं कि ये संपत्तियां अपराध से अर्जित आय या बेनामी संपत्तियां हैं, जो पहले से घोषित फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स के स्वामित्व में हैं. आखिकार अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए कहा कि ED को कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए FEO एक्ट की धारा 5(1) के तहत इन संपत्तियों को अटैच करने की अनुमति दी जाती है. 

कांग्रेस विधायक मसूद एक्टर सैफ अली खान की बहन सबा पर कराएंगे FIR, क्या है मक्का-मदीना से जुड़ा ये मामला   

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com