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This Article is From Apr 17, 2026

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद MP में गिरफ्तारी प्रक्रिया बदली, अब लिखित कारण देना होगा; PHQ ने जारी किया आदेश

Madhya Pradesh Arrest Rules: MP में गिरफ्तारी से पहले पुलिस को लिखित कारण बताना होगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्त दिशा‑निर्देश जारी किए. पढ़िए पूरी खबर.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद MP में गिरफ्तारी प्रक्रिया बदली, अब लिखित कारण देना होगा; PHQ ने जारी किया आदेश
गिरफ्तारी से पहले कारण बताने को लेकर MP पुलिस का नया नियम

MP Police Arrest Rules: मध्यप्रदेश में पुलिस कार्रवाई को लेकर एक बड़ा और अहम बदलाव सामने आया है. अब प्रदेश में किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को गिरफ्तारी के ठोस कारण लिखित रूप में बताना अनिवार्य होगा. पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित इकाइयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. नए निर्देशों के अनुसार, गिरफ्तारी से कम से कम दो घंटे पहले आरोपी को लिखित सूचना देना आवश्यक होगा. केवल मौखिक जानकारी को पर्याप्त नहीं माना जाएगा. यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट की उस रूलिंग के अनुपालन में लागू की गई है, जिसमें गिरफ्तारी के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया गया था. पुलिस मुख्यालय का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य विधिसम्मत कार्रवाई के साथ‑साथ आम नागरिक के अधिकारों की पूरी तरह रक्षा करना है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सर्कुलर जारी

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी यह सर्कुलर नवंबर 2025 में आपराधिक अपील ‘स्टेट ऑफ महाराष्ट्र एवं अन्य' मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के पालन में लागू किया गया है. उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी मिलना उसका मौलिक अधिकार है.

अब केवल मौखिक जानकारी पर्याप्त नहीं होगी

नई व्यवस्था के तहत गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को यह सुनिश्चित करना होगा कि गिरफ्तारी के कारण स्पष्ट और ठोस रूप से लिखित में दिए जाएं. पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि अब आरोपी को केवल मौखिक रूप से गिरफ्तारी का कारण बताना पर्याप्त नहीं माना जाएगा. लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि गिरफ्तार व्यक्ति अपने अधिकारों को भली‑भांति समझ सके.

स्थानीय भाषा में दी जाएगी गिरफ्तारी की जानकारी

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तारी के कारणों को स्थानीय भाषा या ऐसी भाषा में लिखा जाए, जिसे गिरफ्तार किया गया व्यक्ति आसानी से समझ सके. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी केवल औपचारिक न रहे, बल्कि वास्तविक रूप से आरोपी तक पहुंचे.

कम से कम दो घंटे पहले देनी होगी लिखित सूचना

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, यह लिखित जानकारी गिरफ्तारी के समय या आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने से कम से कम दो घंटे पूर्व उपलब्ध कराई जानी चाहिए. साथ ही गिरफ्तारी के दौरान दी गई लिखित जानकारी को गिरफ्तारी पंचनामा या संबंधित आधिकारिक अभिलेख में विधिवत दर्ज करना भी अनिवार्य किया गया है.

MP Police Arrest Rules: मध्यप्रदेश गिरफ्तारी नियम

MP Police Arrest Rules: मध्यप्रदेश गिरफ्तारी नियम

BNSS 2023 की धारा 47 का भी उल्लेख

सर्कुलर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 47 के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है. यह प्रावधान गिरफ्तार व्यक्ति को सूचना, अधिकार और प्रक्रिया से जुड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है.

निर्देशों का पालन नहीं किया तो गिरफ्तारी होगी अवैध

पुलिस मुख्यालय ने अपने सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया है कि अगर इन निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित गिरफ्तारी को अवैध घोषित किया जा सकता है. ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी के खिलाफ न्यायालय की अवमानना या विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. इसके अलावा अभियुक्त को तत्काल रिहाई का अधिकार भी प्राप्त हो सकता है.

सभी वरिष्ठ अधिकारियों को सख्ती से पालन कराने के निर्देश

अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से इन दिशा‑निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं.

नागरिक अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम

पुलिस मुख्यालय का कहना है कि यह कदम न केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि प्रदेश में पुलिस कार्रवाई के दौरान पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ाएगा. इससे नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा होगी और अनावश्यक या प्रक्रिया‑विहीन गिरफ्तारियों पर प्रभावी रोक लग सकेगी.

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