विज्ञापन
This Article is From Jan 12, 2026

Ujjain Mahakal Temple: महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर सवाल उठाए तो प्रोटोकॉल खत्म किया, महापौर का आरोप

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर विवाद गहरा गया है. महापौर मुकेश टटवाल ने आरोप लगाया कि स्थानीय श्रद्धालुओं के शीघ्र दर्शन की मांग को लेकर पत्र लिखने के बाद मंदिर समिति ने उनके कोटे से भस्मारती परमिशन निरस्त कर दीं. हालांकि, बाद में हस्तक्षेप के बाद परमिशन बहाल करने की बात कही गई है.  

Ujjain Mahakal Temple: महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर सवाल उठाए तो प्रोटोकॉल खत्म किया, महापौर का आरोप

विश्व प्रसिद्ध उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्थाओं को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. दर्शन व्यवस्था पर सवाल उठाने के बाद अब महापौर मुकेश टटवाल और मंदिर समिति के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है. महापौर ने आरोप लगाया है कि उन्होंने उज्जैनवासियों के लिए शीघ्र दर्शन की सुविधा को लेकर प्रशासन को पत्र लिखकर आंदोलन की चेतावनी दी तो मंदिर समिति ने उनके कोटे से मिलने वाली भस्मारती की अनुमति रोक दी.

दरअसल, महापौर मुकेश टटवाल ने 10 जनवरी को कलेक्टर और मंदिर प्रशासक को पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने उल्लेख किया था कि उज्जैन के स्थानीय श्रद्धालुओं को आधार कार्ड के माध्यम से अवंतिका द्वार से सुलभ और शीघ्र दर्शन की सुविधा दी गई थी. इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को लंबी कतारों से राहत देना था. लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि अवंतिका द्वार से प्रवेश के बाद भी श्रद्धालुओं को सामान्य कतार में लगा दिया जाता है, जिससे शीघ्र दर्शन का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो गया है. महापौर ने इस व्यवस्था को तत्काल सुधारने की मांग की थी, ऐसा नहीं होने पर जनहित में आंदोलन की चेतावनी भी दी थी.

अब महापौर का आरोप है कि पत्र भेजने के बाद उसी रात उनके प्रोटोकॉल से भस्मारती की अनुमति बनवाने वाले लोगों के फोन आने लगे. उन्हें बताया गया कि परमिशन का मैसेज तो आया है, लेकिन भुगतान नहीं हो पा रहा है. जब इस संबंध में मंदिर समिति से जानकारी ली गई तो पता चला कि उनके कोटे की सभी 25 भस्मारती परमिशन निरस्त कर दी गई हैं.

''मुसलमान से पंगा लोगे, यही हाल करूंगा...'' MP में वारदात के बाद छोड़ा भड़काऊ नोट, मामले की जांच शुरू

परमिशन फिर से बनाई जा रही 

महापौर टटवाल ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं किया गया. इसके बाद कलेक्टर रोशन सिंह से चर्चा की गई. कुछ समय बाद मंदिर प्रशासक की ओर से संदेश आया कि भस्मारती की परमिशन फिर से बनाई जा रही है.  

अपराध की दुनिया का राजू असल में आबिद, CBI अधिकारी- साधु बना, शौक रइसों वाले; 14 राज्यों के 'डकैत' की कहानी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Mahakal Temple Ujjain, Bhasma Aarti Permission,  mp News, Madhya Pradesh News 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com