Guna Crime News: गुना जिले के कुंभराज थाना (Kumbhraj Police Action) क्षेत्र के ग्राम मालाखेड़ा में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां कुछ दबंगों द्वारा मानसिक रूप से विक्षिप्त पांच लोगों को बंधक (Forced Labor Case) बनाकर उनसे जबरन मजदूरी कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है. गुरुवार तड़के प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश देकर चार लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू (Rescue of Mentally Weak Persons) कर लिया, जबकि एक व्यक्ति की तलाश अब भी जारी है.

Guna Crime News: बंधकों का रेस्क्यू
गुप्त सूचना के बाद प्रशासन सतर्क, बनाई गई तीन टीमें
पिछले कुछ समय से प्रशासन को गुप्त रूप से शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र के कुछ रसूखदार लोग मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को बंधक बनाकर उनसे खेतों और घरों में जबरन काम करवाते हैं. इस गंभीर सूचना के आधार पर एसडीएम रवि मालवीय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए राजस्व विभाग, नगरपालिका और पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें गठित कीं. जैसे ही टीमों ने माड़ाखेड़ा में छापेमारी की, पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ आरोपी इन बेबस लोगों को घर से भगा ले गए, जिन्हें पुलिस बाद में सड़कों पर भटकते हुए मिली बदहवास हालत में बरामद किया.
कुछ खेतों में काम करते मिले, कुछ सड़क पर बेहोशी की हालत में
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लोगों को खेतों और घरों में मजबूरी में काम करते हुए रंगे हाथों पकड़ा. वहीं तीन लोग भूख और प्यास से कमजोर अवस्था में सड़क किनारे भटकते मिले. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इनकी हालत दयनीय थी और वे अपना नाम-पता तक बताने की स्थिति में नहीं थे. प्रशासनिक टीम ने तुरंत प्राथमिक सुरक्षा एवं देखभाल सुनिश्चित करते हुए इन्हें घेराबंदी कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया.
NDTV टीम की मौजूदगी में एसडीएम का बयान
मौके पर मौजूद NDTV की टीम ने एसडीएम रवि मालवीय से वन-टू-वन बातचीत की. एसडीएम ने बताया कि “हमें पांच व्यक्तियों के बंधक बनाए जाने की पुख्ता सूचना मिली थी. इस आधार पर तीन टीमें बनाई गईं और सुबह दबिश दी गई. इनमें से चार लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है. एक व्यक्ति का अभी तक पता नहीं चला है, जिसकी हम तलाश कर रहे हैं.”
मानसिक स्थिति बेहद कमजोर, मेडिकल परीक्षण कर भेजे जा रहे आश्रम
रेस्क्यू किए गए सभी व्यक्तियों की मानसिक स्थिति बेहद कमजोर पाई गई. वे अपना परिचय तक स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहे थे. इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत निर्णय लेते हुए सभी का मेडिकल परीक्षण कराया. चिकित्सकीय जांच के बाद इन्हें बेहतर देखभाल और उपचार के लिए ‘अपना घर' आश्रम, शिवपुरी भेजा जा रहा है, जहाँ इनकी निरंतर निगरानी और पुनर्वास प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी.
दबंगों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी
इस अमानवीय कृत्य से क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है. एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि “यह मामला केवल रेस्क्यू तक सीमित नहीं रहेगा. जिन लोगों ने इन लाचार व्यक्तियों को अपनी निजी मजदूरी के लिए बंधक बनाया था, उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.” पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन व्यक्तियों को यहां लाया कहां से गया था, किन परिस्थितियों में इन्हें बंधक बनाया गया और यह पूरा गोरखधंधा कब से चल रहा था.
मानवता को शर्मसार करने वाला मामला, पूरे क्षेत्र में सनसनी
मानसिक रूप से कमजोर लोगों के शोषण का यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है. लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों पर तत्काल सख्त कार्रवाई ज़रूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके. प्रशासन का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
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