कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Congress leader Digvijay Singh) गुरुवार, 26 मार्च की सुबह अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे. महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. वो यूपी कांग्रेस पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री के आवास पर जाएंगे और उनसे मुलाकात करेंगे. अपने कार्यक्रम के तहत पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह राम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी और कनक भवन में दर्शन-पूजन करेंगे.
दिग्विजय सिंह के इस दौरे को लेकर सियासी गलियारों में काफी चर्चा है, क्योंकि मंदिर निर्माण के समय से ही कांग्रेस और बीजेपी के बीच राम नाम पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली.
दिग्विजय सिंह बोले- 'अयोध्या राजनीति नहीं करने आया हूं'
हालांकि अयोध्या पहुंचने पर दिग्विजय सिंह ने राम जन्मभूमि मंदिर के विरोध पर अपना पक्ष स्पष्ट किया. उन्होंने कहा, 'मैंने कभी राम जन्मभूमि मंदिर का विरोध नहीं किया है. हमने राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में 1 लाख 11 हजार रुपये दान दिया था. सभी पर श्रीराम की कृपा बनी रहे.' वहीं गैस की किल्लत पर उन्होंने कहा कि मैं अयोध्या राजनीति करने नहीं आया हूं.
प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर में करेंगे पूजा
बता दें कि राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद दिग्विजय सिंह का ये पहला अयोध्या दौरा है. तय कार्यक्रम के अनुसार, दिग्विजय सिंह सबसे पहले प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर पहुंचकर बजरंगबली की पूजा-अर्चना करेंगे. इसके बाद वो राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे. उसके बाद कनक भवन जाएंगे.
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