- रैली में नरोत्तम मिश्रा बोले- दतिया में राजा और रंक की लड़ाई हो रही है.
- भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन बाद रैली का हुआ था आयोजन.
- रैली में नरोत्तम मिश्रा हो गए थे भावुक, सीएम ने संभाला.
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के भावुक होने पर कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को रुलाने की कोशिश करने वाले आज खुद आंसू बहा रहे हैं. रोने से जनता की सहानुभूति (सिम्पैथी) नहीं मिलेगी. इसके अलावा उन्होंने फेसबुक पर भी एक फोटो पोस्ट किया है.
फोटो में राजेंद्र भारती खुद हैं और नरोत्तम मिश्रा का भावुक होने वाला फोटो है. फोटो में उन्होंने लिखा, "जिसे तुमने रुलाने में अपनी पूरी ताकत लगा दी, वो कभी नहीं रोया और आज खुद आंसू बहा रहे हो. अभी तो ये सिर्फ शुरुआत है, हिसाब बाकी है." इसके साथ ही उन्होंने पोस्ट में कैप्शन दिया, प्रकृति भी न्याय करती है.

सीएम ने पकड़ा नरोत्तम मिश्रा का हाथ
दरअसल, दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने सोमवार को नामांकन किया था. इसके बाद रैली का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और नरोत्तम मिश्रा भी थे. मंच पर संबोधन देने के बीच नरोत्तम मिश्रा रो पड़े और फिर पानी पीने लगे, फिर मुंह पोछते दिखे. सीएम ने उनका हाथ पकड़ा और संभाला.
रैली में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया में राजा और रंक की लड़ाई हो रही है. अगर दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी संस्कारी होते तो चुनाव में हार नहीं मिलती. अगर जीतू पटवारी संस्कारी थे तो दतिया से चुनाव लड़ लेते. यही नहीं कांग्रेस कैंडिडेट घनश्याम सिंह को लेकर उन्होंने कहा कि वह चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं. भाजपा में टिकट को लेकर फूट वाली बात भी नरोत्तम मिश्रा ने खारिज की. उनका कहना था कि फूट भाजपा में नहीं बल्कि कांग्रेस में है.
नरोत्तम मिश्रा के उम्मीदवार की चल रही थी चर्चा
दरअसल, जब दतिया सीट पर उपचुनाव का ऐलान हुआ तो नरोत्तम मिश्रा के नाम की ही उम्मीदवार के तौर पर चर्चा चल रही थी. वह इस सीट पर काफी एक्टिव थे और चुनाव की तारीख सामने आने के बाद उन्होंने नामांकन पत्र तक खरीद लिया था, लेकिन भाजपा से उन्हें मौका नहीं मिला. उनके स्थान पर पार्टी ने आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है.
राजेंद्र भारती से मिली थी हार
2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान नरोत्तम मिश्रा भाजपा की ओर से दतिया सीट से ही उम्मीदवार थे और कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को मैदान में उतारा था. उस दौरान नरोत्तम मिश्रा को राजेंद्र भारती के हाथों शिकस्त मिली थी. फिर उन्हें दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई, जिससे उनकी सदस्यता चली गई और दतिया सीट खाली हो गई.
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