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Bastar News: नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर को है विकास का इंतजार, क्या मिलेगा विशेष पैकेज ?

Naxal Free Bastar: पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने सरकार से कहा है बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है, तो हर गांव को एक करोड़ कब मिलेंगे. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से पूछा है कि बस्तर के विकास के लिए स्पेशल पैकेज कब मिलेगा? साथ ही मोहन मरकाम ने याद दिलाया कि यूपीए सरकार के समय नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लिए 3030 करोड़ की राशि दी गई थी.

Bastar News: नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर को है विकास का इंतजार, क्या मिलेगा विशेष पैकेज ?

Bastar News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर में नक्सलवाद (Naxalism) के खात्मे के बाद अब विकास को लेकर राजनीति गरमाने लगी है. दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने संसद में नक्सल मुक्त गांव के विकास के लिए एक करोड़ की राशि के प्रावधान करने की बात कही थी. ऐसे में 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त घोषित करने के बाद अब कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.

दरअसल, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम (Mohan Markam) ने सरकार से कहा है बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है, तो हर गांव को एक करोड़ कब मिलेंगे. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से पूछा है कि बस्तर के विकास के लिए स्पेशल पैकेज कब मिलेगा? साथ ही मोहन मरकाम ने याद दिलाया कि यूपीए सरकार के समय नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लिए 3030 करोड़ की राशि दी गई थी. हालांकि, भाजपा ने भी इस पर पलटवार किया है. बीजेपी ने अपने जवाब में कहा है कि बस्तर का 100% विकास होगा. इसके लिए जल्द कार्य योजना भी तैयार की जाएगी.

हिंसा की समाप्ति के बाद विकास की आस

गौरतलब है कि सरकार ने 31 मार्च 2026 को बस्तर से सशस्त्र नक्सलवाद के लगभग खात्मे का ऐलान किया था. इसके साथ ही दावा किया गया था कि 99 प्रतिशत माओवाद समाप्त हो चुका है और बचे हुए तत्व अब किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की स्थिति में नहीं हैं. इस घोषणा के बाद अब फोकस विकास कार्यों पर आ गया है. दरअसल, वर्षों तक हिंसा और असुरक्षा के साए में रहे इस क्षेत्र के लिए अब नई योजनाओं और ठोस कार्यनीति की जरूरत महसूस की जा रही है.

'विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार'

कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने तीखा जवाब दिया है. पार्टी के प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकाल में बस्तर के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं कर पाई और अब सवाल उठा रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा और बस्तर के विकास के लिए जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी.

बुनियादी सुविधाओं का विकास है बड़ी चुनौती

नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में विकास की संभावनाएं जरूर बढ़ी हैं, लेकिन यह काम आसान नहीं होगा. सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निवेश और योजनाओं की जरूरत होगी. ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से संसद में नक्सल मुक्त घोषित किए गए प्रत्येक गांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपये की राशि देने के वादे को बस्तर के लिए बड़ी उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है, जहां लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहा है.

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सबसे अहम सवाल यही है कि जिस तरह समयबद्ध तरीके से नक्सलवाद को खत्म करने का दावा किया गया है, क्या उसी तरह तय समय सीमा में विकास कार्य भी पूरे हो पाएंगे? फिलहाल, बस्तर में शांति के बाद विकास की उम्मीदें जरूर जगी हैं, लेकिन इन उम्मीदों को हकीकत में बदलना अब सरकार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित होगा.

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