Dhar Bhojshala: धार की ऐतिहासिक भोजशाला में लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार सुबह काफी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे और मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की. इसके बाद हर दिन की तरह आज सुबह भी आरती हुई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं. बता दें कि 721 साल बाद पहली बार शुक्रवार को परिसर में हिंदुओं की एंट्री हुई है. इससे पहले शुक्रवार को मुस्लिम समाज यहां जुमे की नमाज अदा करता था.

'जय मां सरस्वती' के जयकारों से गूंज उठा परिसर
महाआरती के दौरान भोजशाला परिसर मंत्रोच्चार और 'जय मां सरस्वती' के जयकारों से गूंज उठा. दरअसल, शुक्रवार यानी आज हिंदू समाज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा-अर्चना का अधिकार मिला.

दूसरी ओर हाईकोर्ट के आदेश के बाद एएसआई द्वारा जारी नए निर्देशों को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है,क्योंकि नए नियमों और व्यवस्था को लेकर अब तक कोई आधिकारिक सूचना सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं की गई है. हालांकि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद एएसआई की नई व्यवस्था क्या होगी? वहीं भोजशाला परिसर में लगे पुराने सूचना बोर्ड से पूर्व निर्देश हटा दिए गए हैं.


भोजशाला परिसर में लगे पुराने सूचना बोर्ड से पूर्व निर्देश हटा दिए गए हैं.
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
इधर, शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार निगरानी बनी हुई है. सुबह से ही वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. भोजशाला परिसर से लेकर संवेदनशील और मुस्लिम बहुल इलाकों तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
बता दें कि वर्ष 2003 की व्यवस्था के तहत शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष को नमाज और मंगलवार को हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति थी, लेकिन इंदौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद नियमित पूजा-अर्चना जारी है. वहीं मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
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