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12 साल से फरार था आरोपी, पहचान छिपाने के लिए बदला नाम-धर्म, बालाघाट पुलिस ने दिल्ली से किया गिरफ्तार

MP News Hindi: आरोपी का वास्तविक नाम अनिल डहारे है, जो ग्राम डोगरगांव का निवासी है. इसके खिलाफ वर्ष 2011 में थाना बहेला में नकली बंदूक दिखाकर मोबाइल व नगदी लूटने का प्रकरण दर्ज हुआ था.

12 साल से फरार था आरोपी, पहचान छिपाने के लिए बदला नाम-धर्म, बालाघाट पुलिस ने दिल्ली से किया गिरफ्तार

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के बालाघाट पुलिस ने बारह साल से फरारी काट रहे एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 5 टीमे गठित की गई. वहीं आरोपी की तलाशी के लिए पुलिस को अलग अलग राज्यों में करीब 5000 किमी से अधिक का सफर करना पड़ा. 

पहचान छिपाकर अलग-अलग राज्यों में रह रहा था आरोपी

बता दें कि फरार आरोपी पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित था. थाना बहेला पुलिस तकनीकी विश्लेषण और कई राज्यों में की गई तलाशी के बाद आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है. आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए अपना नाम-धर्म तक बदल लिया था और अलग-अलग राज्यों में पहचान छिपाकर रह रहा था.

नकली बंदूक दिखाकर की थी लूटपाट

आरोपी  का वास्तविक नाम अनिल डहारे है, जो ग्राम डोगरगांव का निवासी है. इसके खिलाफ वर्ष 2011 में थाना बहेला में नकली बंदूक दिखाकर मोबाइल व नगदी लूटने का प्रकरण दर्ज हुआ था. इसके आलावा आरोपी को एक अन्य प्रकरण में धारा 307 सहित एससी/एसटी एक्ट के मामले में न्यायालय द्वारा 07 वर्ष का कारावास भी सुनाया गया था. हालांकि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार वर्ष 2015 से आरोपी न्यायालय में पेशी पर उपस्थित नहीं हुआ, जिसके कारण प्रकरण लंबित चल रहा था और आरोपी लगातार फरार था.

ऐसे आरोपी तक पहुंची पुलिस

इतना ही नहीं आरोपी के माता-पित्ता भाई-भाभी सहित परिजनों को भी उसके बारे मे कोई जानकारी नहीं थी. पुलिस ने करीब 40 परिचितों, दोस्तों और रिश्तेदारों से पूछताछ की, जिससे पता चला कि आरोपी केरल के कोझीकोड में मनीष नाम से कही मजदूरी कर रहा है. कुछ मजदूरों ने बताया कि वह संभवतः मधुबनी (बिहार) का रहने वाला है. यहां आरोपी ने अपना नाम बदलकर "मो. सद्दाम हुसैन" रख लिया है और मधुबनी की एक मुस्लिम युवती से विवाह कर लिया है.

नाम बदलकर दिल्ली में कर रहा था काम

इसके ससुराल से जानकारी मिली कि सद्दाम हुसैन दिल्ली में काम कर रहा... जब वहां के मैनेजर से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि यह व्यक्ति अनिल डहारे नहीं बल्कि "सद्दाम हुसैन" नाम से अपने परिवार सहित परिसर में रह रहा है. इस तरह पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद ग्रामवासियों, परिजनों व लूट के प्रकरण के फरियादी पुरन टाडेकर से पहचान कराई गई, जिन्होंने उसे अनिल डहारे के रूप में पहचान की पुष्टि की.

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