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This Article is From Mar 25, 2019

न्‍यूनतम आय योजना धोखा, कांग्रेस का इतिहास रहा है कि गरीब को नारे दो और साधन मत दो : अरुण जेटली

'कांग्रेस का इतिहास गरीबी और गरीबी हटाने के नाम पर राजनीतिक व्यवसाय का रहा है. उनका इतिहास गरीबी हटाने का नहीं रहा है, बल्कि योजनाओं के नाम पर छल कपट का रहा है.'

अरुण जेटली ने कहा, गरीबी हटाओ के नाम पर ये कांग्रेस का छल कपट है
नई दिल्‍ली:

कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को अब तक की सबसे बड़ी न्‍यूनतम आय का वादा किया जिसके तहत देश के करीब 5 करोड़ गरीब परिवारों को हर महीने 6000 रुपये दिए जाएंगे. इस पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की यह योजना एक धोखा और छलावा है. उन्‍होंने कहा, 'कांग्रेस का इतिहास गरीबी और गरीबी हटाने के नाम पर राजनीतिक व्यवसाय का रहा है. उनका इतिहास गरीबी हटाने का नहीं रहा है, बल्कि योजनाओं के नाम पर छल कपट का रहा है. कांग्रेस चुनाव तो गरीबी हटाओ के नाम पर जीती थी, लेकिन उस कार्यकाल में केवल गरीबी का वितरण हुआ था. कांग्रेस गरीबी हटाने के लिए आवश्यक काम जैसे अर्थव्यवस्था को बढ़ाने, समाज में आमदनी बढ़ाने से संबंधित कभी कोई नीति नहीं लाई.'

वित्त मंत्री ने कहा, 'कांग्रेस के कार्यकाल में छल-कपट, धोखा होता रहा है. 2008 में कर्जमाफी के लिए 70 हजार करोड़ का कर्ज माफ करने की बात कही गई, लेकिन कर्जमाफी हुई 52 हजार करोड़ की और इसमें भी दिल्ली के बड़े व्यापारियों का लाभ दिया गया.'

'कांग्रेस की नीति रही है कि चुनाव जीतने के लिए गरीब को धोखा देना और साधन न देना. कांग्रेस पार्टी का इतिहास रहा है कि गरीब को नारे दो और साधन मत दो.'

- कांग्रेस ने किसी का ऋण माफ नहीं किया
- आज भी ऐसे विधानसभा कम जहां ऋण माफ हुआ हो
- अभी तक कर्नाटक 2600 हजार करोड़, एमपी 3000 करोड़ पंजाब ने 5500 हजार (कांग्रेस की सरकार ने जो कर्ज माफ किया अभी तक)
- कांग्रेस पार्टी का इतिहास रहा है कि वह गरीब को नारे दो साधन मत दो
- कर्ज माफी के नाम पर कांग्रेस ने धोखा किया
- कांग्रेस ने मनरेगा में भी हेराफेरी किया
- आधार को रोकने की कोशिश
- राहुल गांधी ने जो आज कहा कि वह 6 हजार प्रति महीने देंगे. इसका मतलब है कि वित्त घाटा होगा.

लेकिन सब कह रहे हैं कि ऐसा नहीं होगा. आज केंद्र सरकार की 55 विभागों की योजनाओं के माध्यम से बैंक खातों 1.8 लाख करोड़ रुपये देते हैं. अलग-अलग योजना में पहली तारीख को गरीब के खाते में जा रहा है. अब फूड एक्ट में लिखा है राइट टू फूड एक्ट. कि या तो आनाज दीजिए या पैसा दीजिए. इस साल 1.84 लाख करोड़ इस साल खर्चा रखा है. खाद का हम दे रहे हैं 75000 करोड़. स्वास्थ्य के लिए 20 हजार करोड़ खर्च कर रहे हैं हर साल. अगर हम यह सारा का सारा लगभग 70 फीसदी हम डीबीटी (बैंक खाते में) देते हैं. हम 5.34 करोड़ बनता है.

कांग्रेस छल कपट करना कि हम 3.6 लाख करोड़ बांटेंगे यह झूठ है. डीबीटी यानी बैंक खाते में सीधा पैसा. कांग्रेस ने डीबीटी और आधार का विरोध किया था. आज एक व्यवस्था चल रही है उसे बिगाड़ने की कोशिश हो रही है.

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