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क्या है Blue Book, जिससे तय होती है PM की सिक्योरिटी, डिटेल में जानें सबकुछ

PM, CM Security: देश के प्रधानमंत्री से लेकर हाई लेवल नेताओं तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी ब्लू बुक के तहत ही तय होती है. इसमें एसपीजी के लिए सख्त गाइडलाइंस लिखी होती हैं. इनके तहत ही सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं.

क्या है Blue Book, जिससे तय होती है PM की सिक्योरिटी, डिटेल में जानें सबकुछ
ब्लू बुक के बारे में डिटेल में जानें
  • प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति समेत तमाम बड़े नेताओं की सुरक्षा ब्लू बुक के जरिए तय होती है
  • ब्लू बुक गृह मंत्रालय द्वारा तैयार सीक्रेट प्रोटोकॉल मैनुअल है जिसमें सुरक्षा नियम होते हैं
  • ब्लू बुक में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्य मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा से जुड़ी गाइडलाइन्स का जिक्र है

दुनिया में आर्थिक संकट के बीच पीएम मोदी ने देश के लोगों से ईंधन बचाने की अपील की. खुद पीएम मोदी भी इस पर अमल कर रहे हैं. उनके काफिले में अब सिर्फ 4 गाड़ियां होंगी, जबकि आमतौर पर 12-15 गाड़ियां होती हैं. यूपी के सीएम से लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान तक के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिले को कम कर आम जनता को संदेश देने की कोशिश की है. पीएम मोदी ने अपनी सुरक्षा के लिए तैनात स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को अपने काफिले में गाड़ियों को कम करने का नर्देश दिया है. इस बीच कई लोगों के मन में ये सवाल है कि पीएम और अलग-अलग राज्यों के सीएम के काफिले में कितनी गाड़ियां होती हैं. क्या ये सुरक्षा खुद तय कर ली जाती है या इससे जुड़े कुछ खास नियम हैं, इनको कैसे तय किया जाता है. ये नियम कहां लिखे होते हैं. जानें ब्लू बुक के बारे में, जिसमें सुरक्षा से जुड़े इंतजामों का जिक्र है. 

क्या होती है ब्लू बुक?

 ब्लू बुक गृह मंत्रालय की तरफ से तैयार किया गया एक सीक्रेट प्रोटोकॉल मैनुअल है. इसमें प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और उनके परिवारों से जुड़े सुरक्षा के सख्त नियम मेंशन होते हैं. इस डॉक्यूमेंट को सिर्फ सुरक्षा से जुड़े जरूरी अधिकारियों को ही सौंपा जाता है. बता दें कि अंग्रेजों के समय से ही ब्लू बुक की परंपरा चली  रही है. इस बुक के तहत ही प्रधानमंत्री की सुरक्षा के सख्त नियम तय होते हैं. साथ ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा से जुड़ी गाइडलाइन्स भी इस बुक में  होती हैं. सुरक्षा के लिहाज से यह दस्तावेज बहुत ही अहम है.

PTI फोटो.

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ब्लू बुक में सिक्योरिटी से जुड़े नियम जानें

खास बात यह है कि ब्लू बुक को संवैधानिक दर्जा नहीं मिला है. यह महज शिष्टाचार से जुड़ा एक जरूरी डॉक्यूमेंट है, जो कि गृह मंत्रालय के तहत आता है. इस अहम दस्तावेज में नियम है कि राष्ट्रपति से लेकर पीएम तक कोई भी अगर किसी राज्य में जाता है तो एयरपोर्ट पर उस राज्य के मुख्यमंत्री के साथ ही मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक वहां मौजूद होने चाहिए. इस बुक में रूट सिक्योरिटी से लेकर फ्लैग लगाना, राष्ट्रगान बजाने से लेकर सीटिंग अरेंजमेंट तक सब शामिल होता है. 

PTI फोटो.

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ब्लू बुक में SPG के लिए क्या हैं गाइडलाइन्स?

 देश के प्रधानमंत्री से लेकर हाई लेवल नेताओं तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी ब्लू बुक के तहत ही तय होती है. इसमें एसपीजी के लिए सख्त गाइडलाइंस लिखी होती हैं. इनके तहत ही सुरक्षा के इंतजाम संबंधित नेता के लिए किए जाते हैं.

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