CJP Protest : दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है. कारण है शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्रों का प्रदर्शन. आज प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च किया. इस दौरान लाठीचार्ज और पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले तक दागे. इस प्रदर्शन के बीच एक अजीब नजारा देखने को मिला, जहां कई छात्र अपने हाथों में नमक लेकर पहुंचे. ऐसे में जब छात्रों से इस बारे में जब पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा छोड़े जाने वाले आंसू गैस के गोलों के असर को बेअसर करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में फिर आपके दिमाग में भी सवाल आता होगा आखिर टियर गैस को नमक कैसे बेअसर कर सकता है. तो चलिए आगे आर्टिकल में हम इसके पीछे का साइंस समझते हैं.
आंसू सुखाने के पीछे क्या है साइंस?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब पुलिस आंसू गैस छोड़ती है, तो आंखों में जलन, खुजली और लगातार पानी आना शुरू हो जाता है. जब यह दर्द पूरी तरह बर्दाश्त से बाहर हो जाता है, तब स्टूडेंट्स नमक का इस्तेमाल करते हैं. इसे आंखों के आस-पास या प्रभावित हिस्से पर इसे लगाते हैं.
इस बारे में छात्रों का ये भी कहना है कि इसे लगाने पर थोड़ी तेज जलन और दर्द जरूर होता है, लेकिन यह आंसू गैस के असर को जल्दी खत्म कर देता है और आंखों की खुजली को भी कम करता है.
साइंस के नजरिए से देखें तो आंसू गैस के केमिकल- जैसे CS या CN गैस आंखों की नमी और नर्व्स के संपर्क में आकर तेज जलन पैदा करते हैं. ऐसे में नमक जिसमें सोडिएम क्लोराइड होता है एक मजबूत ऑब्जर्वेंट (absorbent) की तरह काम करता है, जो त्वचा और आंखों के आसपास की नमी व आंसू गैस के केमिकल्स के प्रभाव को न्यूट्रलाइज या डाइल्यूट करने की कोशिश करता है, जिससे जलन और दर्द से थोड़ी राहत मिलती है.
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