आजकल के पेरेंट्स की सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये है कि उनके बच्चे पूरे दिन स्मार्टफोन पर समय बिताते हैं. वे सोशल मीडिया पर लगे रहते हैं. दरअसल स्मार्टफोन और सोशल मीडिया बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं. हालांकि, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन ठगी, अनुचित कंटेंट, मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव और सोशल मीडिया की लत जैसी बढ़ती चिंताओं के चलते दुनिया के कई देशों ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने के लिए नए कानून बनाए हैं.
इनमें से कई देशों ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय कर दी है, जबकि कई अन्य देशों में ऐसे कानून प्रस्तावित हैं या लागू किए जा रहे हैं. जानें किन देशों ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती की है.
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सबसे सख्त कानून लागू करने वाला पहला देश माना जाता है. यहां 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए TikTok, Instagram, Facebook, YouTube और X जैसे प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाया गया है.
फ्रांस
फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस को सीमित करने की दिशा में काम कर रहा है. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कम उम्र के बच्चे बिना उचित सुरक्षा उपायों के सोशल मीडिया का उपयोग न करें.
डेनमार्क
डेनमार्क ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई है. प्रस्ताव के अनुसार, 13 से 14 साल की आयु के बच्चों को कुछ मामलों में अभिभावकों की अनुमति के साथ प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने की अनुमति मिल सकती है.
ग्रीस
ग्रीस भी 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. सरकार का कहना है कि बच्चों को डिजिटल दुनिया के जोखिमों से बचाने के लिए यह कदम जरूरी है.
जर्मनी
जर्मनी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कम उम्र के बच्चों के लिए अभिभावकों की सहमति और आयु सत्यापन (Age Verification) जैसे नियमों को और सख्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
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यूनाइटेड किंगडम (UK)
ब्रिटेन ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की योजना पेश की है. सरकार का कहना है कि इससे बच्चों को हानिकारक कंटेंट, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया की लत से बचाया जा सकेगा. प्रस्तावित नियमों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.
यूरोपीय संघ (EU)
यूरोपीय संघ भी बच्चों के लिए आयु-आधारित सोशल मीडिया नियम तैयार कर रहा है. प्रस्ताव के अनुसार कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस को सीमित किया जा सकता है और प्लेटफॉर्म्स पर आयु सत्यापन को अनिवार्य बनाया जा सकता है. हालांकि पूरे EU में अभी एक समान कानून लागू नहीं हुआ है.
इन देशों में सरकारें क्यों उठा रही हैं ऐसे कदम
- साइबर बुलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न
- मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव
- अनुचित और हिंसक कंटेंट तक पहुंच
- स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया की लत
- ऑनलाइन ठगी और डेटा सुरक्षा संबंधी खतरे
- बच्चों की गोपनीयता की सुरक्षा
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