Budget Red Colour Connection: हर साल जब बजट का दिन आता है तो देशभर में हलचल तेज हो जाती है. संसद से लेकर आम घरों तक लोग टीवी स्क्रीन पर नजरें टिकाए रखते हैं. वित्त मंत्री के हाथ में दिखने वाली फाइल, कैमरों की फ्लैश और गंभीर माहौल अपने आप में खास होता है. इसी बीच एक रंग लंबे समय तक चर्चा में रहा है, जिसने बजट को अलग पहचान दी. ये रंग सालों तक बजट से जुड़ा रहा और लोगों के मन में जिज्ञासा पैदा करता रहा. आखिर ऐसा क्या था कि इस रंग ने बजट को खास बना दिया. इसी सवाल ने बजट से जुड़ी इस कहानी को और भी रोचक बना दिया.
लाल रंग और बजट का कनेक्शन (Red Color And Budget Connection)
अब अगर इसके कनेक्शन की बात करें तो बजट का लाल रंग से रिश्ता ब्रिटिश दौर से जुड़ा हुआ है. ब्रिटेन में सरकारी और वित्तीय दस्तावेजों को लाल रंग के कवर में रखने की परंपरा थी. लाल रंग को वहां सत्ता, गंभीरता और आधिकारिक फैसलों का प्रतीक माना जाता था. जब भारत में बजट पेश करने की शुरुआत हुई, तब इसी परंपरा को अपनाया गया. 1860 में भारत का पहला बजट पेश हुआ और तभी से लाल रंग की फाइल बजट की पहचान बन गई. आजादी के बाद भी ये परंपरा कई दशकों तक चलती रही.
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लाल रंग का मतलब क्या था
लाल रंग को हमेशा ताकत और जिम्मेदारी से जोड़कर देखा गया है. बजट जैसे अहम आर्थिक दस्तावेज में देश की कमाई, खर्च और नीतियों का पूरा हिसाब होता है. इसलिए इस रंग को गंभीर फैसलों का संकेत माना गया. आम लोगों के लिए भी लाल फाइल बजट का प्रतीक बन चुकी थी.
कब बदली परंपरा
समय के साथ सरकारों ने पुरानी परंपराओं पर दोबारा विचार किया. साल 2019 में पहली बार बजट की फाइल का रंग लाल से बदल दिया गया. इसे गुलामी के दौर से जुड़ी सोच से बाहर निकलने का संकेत माना गया. हालांकि रंग बदल गया, लेकिन लाल बजट की पहचान लोगों के मन में बनी रही.
आज भी दिखता है लाल रंग
लाल रंग की फाइल आज भी बजट इतिहास का अहम हिस्सा मानी जाती है. ये सिर्फ एक रंग नहीं, बल्कि एक दौर की पहचान थी. यही वजह है कि बजट और लाल रंग का कनेक्शन आज भी लोगों के लिए दिलचस्प बना हुआ है.
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