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क्रैश लैंडिंग होते ही प्लेन में क्यों लग जाती है आग? जानें कितने होते हैं बचने के चांस

अजित पवार का विमान सुबह 8 बजे मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए था. विमान में अजित पवार के साथ उनके निजी सुरक्षा गार्ड मौजूद थे. बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करते समय ये हादसा हो गया. इस हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई है.

क्रैश लैंडिंग होते ही प्लेन में क्यों लग जाती है आग? जानें कितने होते हैं बचने के चांस

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान बुधवार को हादसे का शिकार हो गया. इस हादसे में उनकी मौत हो गई है. ये हादसा महाराष्ट्र के बारामती में हुआ है. अजित पवार का विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ है. इस हादसे में 5 लोगों की मौत की खबर है. बताया जा रहा है कि विमान सुबह 8 बजे मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए था. विमान में अजित पवार के साथ उनके निजी सुरक्षा गार्ड मौजूद थे. घटनास्थल से सामने आई वीडियो में विमान जलता हुआ नजर आया. आइए जानते हैं क्रैश लैंडिंग होते ही प्लेन में आग कैसे लग जाती है और ऐसे हादसे में बचने के कितने चांस होते हैं.

विमान में क्यों लगती है आग

विमान के अंदर ज्वलनशील पदार्थ होते हैं जो कि आग लगने का एक प्रमुख कारण होते हैं, विमानन ईंधन, हाइड्रोलिक तेल और अन्य ज्वलनशील पदार्थ जल्द ही आग पकड़ लेते हैं. विमान जब क्रैश होता है ईंधन टैंक फट जाते हैं और इनसे निकलने वाला ईंधन आग के गोले में बदल जाता है.

विमान क्रैश होने पर सर्वाइवल रेट क्या है

स्टडीज़ से पता चलता है कि टेकऑफ़ से जुड़े एक्सीडेंट में 56% पैसेंजर के बचने के चांस होते हैं. क्योंकि टेकऑफ़ क्रैश रनवे पर या उसके आस-पास होते हैं, जिसका मतलब है कि इमरजेंसी में मदद जल्दी पहुंच जाती है.

वहीं विमान क्रैश होने पर सर्वाइवल रेट बहुत कम होता है. हाल ही में हुए गंभीर विमान हादसों को देखा जाए तो इनमें विमान में सवार सभी लोग मारे गए हैं. अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रैश में केवल एक ही यात्री बच पाया था. विमान में और ग्राउंड पर कुल मिलाकर कम से कम 260 लोगों की मौत इस दर्दनाक हादसे में हुई थी.

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