उत्तर प्रदेश की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद अपनी इच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी. दिव्या मित्तल ने साल 2013 में UPSC एग्जाम क्रैक किया था. इनकी 68 रैंक आई थी. इस्तीफा देने के बाद क्या IAS अधिकारियों को पेंशन मिलती है? आखिर IAS अधिकारियों के पेंशन से जुड़े नियम क्या है, आइए जानते हैं इसके बारे में-

IAS अधिकारियों के पेंशन के नियम
IAS अधिकारी ने कितने साल सेवा दी है. उसका इस्तीफा किस डेट से प्रभावी हुआ, किस नियम के तहत स्वीकार हुआ और अधिकारी किस pension scheme के अंतर्गत आता है. इन बातों के आधार पर उसकी पेंशन तय होती है. आमतौर पर जो लोग स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) लेते हैं, वे पेंशन के हकदार होते हैं. सरकार ने नए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की जगह 1 जनवरी, 2004 से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) लागू किया है.
क्या कहता है रूल
जो अधिकारी 1 जनवरी, 2004 से पहले IAS में शामिल हुए थे, उनकी रिटायरमेंट इनकम गारंटीड होती है. अधिकारियों को सेवा के दौरान अपनी सैलरी से कुछ भी देने की जरूरत नहीं होती है. हालांकि OPS के तहत पूरी पेंशन पाने से जुड़े कुछ नियम भी है. इसका लाभ केवल उन्हीं अधिकारियों को मिलता है, जिन्होंने 1 जनवरी, 2004 से पहले जॉइन किया होता है. CCS (पेंशन) रूल्स, 1972 के रूल 49 के अनुसार कम से कम 20 साल काम किया होना चाहिए.
जो अधिकारी 10 से 20 साल के बीच रिटायर होते हैं, उन्हें कम लाभ मिलता हैं. दूसरी ओर जो अधिकारी 1 जनवरी, 2004 को या उसके बाद आईएएस में शामिल हुए, उन्होंने पूरी तरह से अलग सिस्टम के तहत पेंशन दी जाती है. उनकी पेंशन शेयर बाजार के रिटर्न पर निर्भर करती है.
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) 2024 में कुछ साल पहले अपडेट किया गया था. जिसके अनुसार UPS 25+ साल की सर्विस के लिए एवरेज बेसिक पे का 50% गारंटी देती है. कम सर्विस यानी 10-25 साल के लिए, पेंशन प्रोपोर्शनल है, सर्विस साल ÷ 25 × सैलरी का 50% होता है.
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