Malviya Nagar Hotel Fire: माता-पिता की वह लाडली, जिसे उन्होंने बड़े अरमानों से 1,201 किलोमीटर दूर अपने सुनहरे भविष्य के लिए घर से दूर भेज रखा था. घर से दूर होते समय उसकी आंखों में आंसू तो थे, पर दिल में एक उम्मीद थी कि जब जब घर आऊंगी तो उनकी खुशी माता पिता का सिर गर्व ऊंचा होगा. मगर किस्मत की बेरहमी देखिए... वह हर बार की तरह इस भी घर लौटी तो सही, पर उसकी चहकती हुई हंसी इस बार हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थी. वह पैरों पर चलकर नहीं, बल्कि सफेद कफ़न की चादर में लिपटी हुई आई.
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 'फ्लरिश स्टे होटल' में गुरुवार (3 जून) को लगी उस खौफनाक आग ने पल भर में 21 परिवारों को जिंदगी का बेहिसाब जख्म दिया. इन्हीं बदनसीब परिवारों में से एक है झारखंड के बोकारो का श्रुतिका बरनवाल का परिवार. हादसे ने उनकी 26 साल की मासूम बेटी भी होटल में जिंदा चली हुई मिली.
झारखंड की रहने वाली थीं श्रुतिका बरनवाल
बेटी की मौत की खबर मिलते ही बोकारो जिले के जैना मोड़ भूचुनगडीह रोड पर रहने वाले सुरभि बरनवाल के माता पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई. गुरुवार से लेकर शुक्रवार तक पड़ोसी और रिश्तेदार लगातार सुरभि के माता पिता को ढांढस बंधाने में लगे हुए है. लेकिन मां- बाप बस यही सोच कर रह जा रहे कि अब उनके सूने घर के आंगन में श्रुतिका की चहचहाहट कभी गूंजेगी नहीं, वे बेबस होकर ताउम्र अपनी लाडली की राह घर के दरवाजे पर तकते रह जाएंगे.
मुंबई से दिल्ली इंटरव्यू के लिए आई थी
सुरभि मुंबई की एक निजी कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थीं. वह टाटा कंपनी के काम के सिलसिले में दूसरी बार दिल्ली आई थीं. कंपनी के ऑफिस के नजदीक होने के कारण वह मालवीय नगर स्थित 'फ्लरिश स्टे होटल' में ठहरी थीं. सुरभि के पिता प्रसाद बरनवाल ने बताया कि नौकरी के सिलसिले में उन्हें हर महीने मुंबई से दिल्ली आना पड़ता था, जहां वह कंपनी के कार्यों और प्रगति की जानकारी साझा करती थीं. कंपनी के कार्यालय के नजदीक होने के कारण वह मालवीय नगर स्थित इसी होटल में ठहरी थीं.

परिवार में मातम
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सुबह समय पर जाने के लिए था होटल में कमरा
श्रुतिका के पिता ने रूंधे गले से बताते हुए कहा कि उनकी बेटी काम के चलते मुंबई में ही रहती थी. लेकिन वह जिस कंपनि में काम करती थी उसमें एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में उसका दिल्ली आना जाना लगा रहता था. उसने एक महीना पहले ही नौकरी ज्वाइन की थी. और अपनी पहली सैलरी उठाने पर वह बेहद खुश थी.
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
परिजनों का आरोप है कि होटल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के कारण उनकी बेटी की जान गई. उनका कहना है कि यदि घटना के बाद होटल प्रशासन ने तत्परता और जिम्मेदारी दिखाई होती तो हादसा इतना बड़ा नहीं बनता और कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी. परिजनों ने सुरभि की मौत के लिए होटल प्रबंधन को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
रिपोर्ट - रिपु सूदन पाठक
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