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This Article is From Nov 14, 2016

विज्ञापनों में बच्चे अधिक नजर आते हैं लेकिन कम बनती हैं बच्चों की फिल्में : राज्यवर्धन

विज्ञापनों में बच्चे अधिक नजर आते हैं लेकिन कम बनती हैं बच्चों की फिल्में : राज्यवर्धन
केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (फाइल फोटो).
  • तीन दिवसीय बाल फिल्म महोत्सव-2016 का उद्घाटन
  • जयपुर में पहली बार 50 बच्चों की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी
  • इरफान खान और अनिल कपूर ने बच्चों को फिल्मों में लिया
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जयपुर: केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि भारत में बच्चों पर बहुत विज्ञापन बनते है और बहुत सारी कम्पनियों बच्चों के विज्ञापनों के जरिए अपने उत्पाद का विक्रय करती है, लेकिन फिर भी बच्चों की फिल्में कम होती है, यह एक अजीब विडम्बना है.

बालचित्र समिति, भारत एवं राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आज जयपुर में मेक इन इंडिया की थीम पर तीन दिवसीय द्वितीय बाल फिल्म महोत्सव-2016 के उद्घाटन पर बोलते हुए राज्यवर्धन ने कहा कि फिल्म अभिनेता इरफान खान और बालीवुड के कलाकार अनिल कपूर ने बच्चों की फिल्मों को बड़े पर्दे पर लाने का बहुत सफल प्रयास किया है. अनिल कपूर की मिस्टर इंडिया में अभिनय किया वह आज भी बच्चों में बहुत लोकप्रिय है.

उन्होंने कहा कि जयपुर में पहली बार 50 बच्चों की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी और राज्य सरकार ने 12 सिनेमाघरों में तीन दिनों तक बच्चों की फिल्में दिखाने के लिए उपलब्ध कराए हैं. आजकल फिल्म बनाना आसान हो गया है कि बच्चे मोबाइल से फिल्में बना रहे हैं.

उन्होंने कहा कि बाल फिल्मों के प्रदर्शन के साथ बालीवुड के मशहूर फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और लेखकों के साथ स्कूली बच्चें बेहतर फिल्म निर्माण के बारे में चर्चा कर सकते है. जिस तरह स्कूल में कुछ बाते सीख कर जीवन में इस्तेमाल की जाती है उसी तरह पढ़ाई के साथ साथ ज्ञान हासिल करना बहुत जरूरी है और जरूरी नहीं है कि ज्ञान स्कूल में ही मिले.

उन्होंने कहा कि मजबूत सपने जरूर पूरे होते है लेकिन उन्हें पूरा करने के लिये कहीं ना कहीं मेहनत और ज्ञान अर्जन करना पडेगा. फिल्म उद्योग में सफल होने के लिये कई चुनौतियों का सामना करना पडता है. उन्हें राजनीति में आने के बाद पता चला कि राजनीति में कितनी मेहनत करनी पडती है, उस मेहनत से आप बच नहीं सकते है.

राज्यवर्धन सिंह ने उद्घाटन सत्र के बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देशी विदेशी फिल्म निर्माताओं को फिल्मांकन के लिए आसानी से स्थान मिले इसके लिए केन्द्र सरकार ने दिल्ली में एकल खिड़की फिल्म फेसीटिलेशन कार्यालय बनाया है, जिसमें केन्द्र सरकार से मिलने वाली सभी अनुमतियां प्राप्त की जा सकती है. अलग अलग राज्यों में फिल्मों के निर्माण से पर्यटन को बढावा मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को फिल्मों में काम करने का मौका मिलता है, इन सब के लिये राज्यसरकार प्रोत्साहन देती है, राजस्थान सरकार भी प्रोत्साहन दे सकती है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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